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‘कोर्ट तय करेगा कौन असली TMC’ धोखे के आरोपों के बीच बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय की दो टूक

TMC Crisis: तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि 20 सांसदों का NCPI में विलय धोखा नहीं बल्कि संवैधानिक प्रक्रिया है। उन्होंने दावा किया कि असली TMC कौन है, इसका फैसला अब अदालत करेगी।

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TMC MP Sudip Bandyopadhyay

TMC सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय (फोटो- एएनआई)

TMC Crisis: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) पार्टी का हाथ थाम कर ममता बनर्जी को बड़ा झटका दे दिया है। जहां एक तरफ बागी सांसद इस कदम को जनता की भलाई से जोड़कर पेश कर रहे है वहीं ममता गुट के लोग इसे बड़ा धोखा बता रहे है। अब इस मामले पर बागी सांसद और वरिष्ठ नेता सुदीप बंद्योपाध्याय का बयान सामने आया है और उन्होंने साफ किया है कि 20 सांसदों का अलग होकर दूसरी पार्टी में शामिल होना किसी भी तरह का धोखा नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकसभा के नियम इस तरह के विलय की अनुमति देते हैं। इसके साथ ही असली और नकली टीएमसी की लड़ाई पर बंद्योपाध्याय ने कहा कि अब अदालत इस बात का फैसला करेगी की असली टीएमसी कौन है।

संविधान और लोकसभा इसकी अनुमति देते है - बंद्योपाध्याय

सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि लोकसभा में कुल 20 सांसद हैं। अगर दो तिहाई सदस्य अलग हो रहे हैं तो यह धोखा नहीं है। देश का संविधान इसकी अनुमति देता है। लोकसभा भी इसकी अनुमति देती है। धोखा तब माना जाता है जब संख्या दो तिहाई से कम हो। उन्होंने आगे कहा कि असली TMC कौन है, यह कोर्ट तय करेगा। कोर्ट पहले भी तय कर चुका है कि असली शिवसेना कौन थी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह पहले कांग्रेस छोड़कर TMC में आए थे और तब उन्होंने इस्तीफा देने के बाद ही पार्टी बदली थी।

सदन की बैठक से पहले अगले कदम उठाए जाएंगे

बागी सांसदों की रणनीति पर सुदीप बंद्योपाध्याय ने विस्तार से कहा कि प्रक्रिया का एक चरण परसों पूरा हो चुका है। अब सबके लौटने का समय है। अगर दूसरी बार बुलाया गया तो आगे चर्चा होगी। लोकसभा सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। सदन की बैठक से पहले अगले कदम उठाए जाएंगे। मेरे लिए बार-बार दिल्ली आना संभव नहीं है। इस पर चर्चा हो रही है कि दोनों पक्ष कैसे साथ बैठेंगे, करीब आएंगे और समूह का भविष्य तय करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि तृणमूल कांग्रेस के अपने चुनाव चिन्ह, संपत्तियां और संगठनात्मक मामले हैं। इन सब पर फैसला लेना होगा। अनुभव बताता है कि ऐसे कई मामले आखिरकार कोर्ट में ही सुलझते हैं। लोकसभा में स्पीकर की जिम्मेदारी संसदीय दल को मान्यता देना और पार्टी कार्यालय की जगह आवंटित करना है। उम्मीद है कि ये काम जल्द पूरे होंगे।

NCPI ने TMC के सांसदों को स्वीकार किया

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के सवाल पर सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि वे आकर हमसे मिलें, हमें कोई आपत्ति नहीं है। जो कहना है कहें। दूसरी ओर बागी सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने यह साफ कर दिया है कि NCPI ने सभी असंतुष्ट सांसदों को स्वीकार करने पर सहमति दे दी है। उन्होंने बताया कि अभी 20 सांसद हैं और संख्या बढ़कर 22 तक पहुंच सकती है। काकोली घोष दस्तिदार ने कहा कि बागी सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में एनडीए के साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोकसभा के बागी सांसदों का पश्चिम बंगाल विधानसभा में अलग गुट बनाने वाले विधायकों से कोई संबंध नहीं है।