2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान 'आप कोला' नाम को एक पेय पदार्थ अपने नाम के कारण सुर्खियों में आया था। चूंकि इसका नाम आम आदमी पार्टी (AAP) से मेल खाता है। यह पेय पदार्थ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में स्पॉंसरशिप कर सुर्खियों में आया था।
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 2015 में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार बनी थी और उस दौरान एक पेय पदार्थ ने काफी सुर्खियां बटोरी थी। क्योंकि उस पेय पदार्थ का नाम बिल्कुल ही आम आदमी पार्टी से मेल खाता था। उस वक्त सुर्खियों में आया इस पेय पदार्थ की मांग आज पीएम मोदी की सलाह के बाद काफी बढ़ गया है।
2015 में 'आप कोला' आया था सुर्खियों में
आपको बता दें कि दरअसल 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान 'आप कोला' नाम को एक पेय पदार्थ अपने नाम के कारण सुर्खियों में आया था। चूंकि इसका नाम आम आदमी पार्टी (AAP) से मेल खाता है। यह पेय पदार्थ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में स्पॉंसरशिप कर सुर्खियों में आया था। बता दें कि दिल्ली में मिलने वाला यह पेय पदार्थ एक लोकल पेय पदार्थ है। हालांकि कंपनी की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि इसका आम आदमी पार्टी से कोई भी लेना-देना नहीं है। लेकिन दोनों में एक बात समान है वह है नाम और टैग लाइन।
पीएम मोदी ने दी थी सलाह
आपको बता दे कि 'आप कोला' की टैग लाइन है 'ड्रिंक एंड फाइट अगेंस्ट करप्शन यानी पिएं और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़े'। ठीक इसी तरह से आम आदमी पार्टी बी अपने आप को करप्शन से लड़ने वाली पार्टी ही बताती है। हालांकि इन सबके बीच पीएम मोदी ने 2016 में एक आह्वान करते हुए पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनियों से कहा था कि वे अपने पेय पदार्थ में 5 फीसदी फ्रूट जूस मिलाएं। इसके बाद 'आप कोला’ बनाने वाली कंपनी एसबीएस प्रिंस वेबरेज लिमिटेड के डायरेक्टर यश टेकवानी ने पीएम मोदी के सुझाव पर अमल करते हुए काम करना शुरु कर दिया। इससे आज दूसरे पेय पदार्थों के मुकाबले में दिल्ली में देसी और सेहतमंद पेय पदार्थ के तौर पर उच्चा मुकाम हासिल किया है।