
नई दिल्ली। पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में देरी और बढ़ती छात्र आत्महत्याओं के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी ने गुरुवार को ‘छात्रों की गूंज’ नाम से 40 दिनों के राष्ट्रव्यापी आंदोलन की शुरुआतकी, जिसके तहत 28 प्रमुख शहरों में छात्रों, प्रतियोगी परीक्षार्थियों और युवाओं के बीच व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। कांग्रेस का लक्ष्य नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कोटा संदेश को राष्ट्रीय आंदोलन में बदल कर शिक्षा और रोजगार संकट को आगामी राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाना है।
दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने पत्रकार वार्ता में कहा कि देश की परीक्षा व्यवस्था गंभीर संकट में है और लाखों छात्रों का भविष्य अनिश्चितता में फंस गया है। पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, परिणामों में देरी और भर्ती प्रक्रियाओं के ठप पडऩे से युवाओं का भरोसा लगातार टूट रहा है। जब सरकार स्वयं परीक्षा प्रणाली की विफलताओं को स्वीकार कर रही है, तब जवाबदेही तय होना भी जरूरी है। कई छात्रों ने आत्महत्या से पहले लिखे नोटों में व्यवस्था से निराशा और भविष्य को लेकर अंधकार का जिक्र किया, लेकिन सरकार ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के पीछे वेंडर एजेंसियों, प्रिंटिंग प्रेस, परीक्षा केंद्रों और सॉल्वर गैंगों का संगठित नेटवर्क काम करता है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
गोगोई ने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में 89 पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं, जिनसे करीब 6.5 करोड़ अभ्यर्थी प्रभावित हुए। 48 परीक्षाओं में दोबारा परीक्षा करानी पड़ी, जबकि 22 परीक्षाएं आयोजित होने से पहले ही रद्द करनी पड़ीं। यह अब अलग-अलग राज्यों की समस्या नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर का संकट बन चुका है।
‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत 30 जून से देशभर के कोचिंग हब, कॉलेज परिसरों, पुस्तकालयों और छात्र समूहों के बीच पर्चा वितरण, नुक्कड़ सभाएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जुलाई में कैंपस संपर्क और अंबेडकर संवाद कार्यक्रम और 1 अगस्त को 28 शहरों में कलक्ट्रेट घेराव और 9 अगस्त को ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम के साथ पहले चरण का समापन होगा।
1. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और पेपर लीक नेटवर्क की निष्पक्ष जांच
2. एनटीए समेत पूरी परीक्षा प्रणाली की समीक्षा और संरचनात्मक सुधार
3. परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति के लिए वार्षिक कैलेंडर लागू किया जाए