Delhi crime: दिल्ली का यह मंजर देखकर हाल ही में इंदौर में हुए उस दर्दनाक हादसे फिर याद आ गया, जहां चार्जिंग के दौरान एक इलेक्ट्रिक वाहन में हुए ब्लास्ट ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया था।
Delhi crime: दिल्ली का यह मंजर देखकर हाल ही में इंदौर में हुए उस दर्दनाक हादसे फिर याद आ गया, जहां चार्जिंग के दौरान एक इलेक्ट्रिक वाहन में हुए ब्लास्ट ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया था। इंदौर की उस घटना ने देशभर में बैटरी वाहनों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी थी। शास्त्री पार्क की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि ईवी तकनीक जहां आरामदायक है, वहीं बैटरी में होने वाला जरा सा शॉर्ट सर्किट या थर्मल रनवे इसे जानलेवा बना सकता है। दिल्ली का वह शख्स अपने रोजमर्रा के काम के लिए तड़के घर से निकला था। उसे अंदाजा भी नहीं था कि जिस स्कूटी पर वह सवार है, वह अगले ही पल 'टाइम बम' की तरह बर्ताव करने वाली है।
अचानक उसे नीचे से गर्म तपिश महसूस हुई और चंद सेकंडों में सीट के नीचे से गाढ़ा काला धुआं गुबार बनकर निकलने लगा। घबराहट में उसने ब्रेक मारा ही था कि आग की लपटों ने पूरी स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। वह शख्स मौत के इस साये से बस एक कदम दूर था। उसने बिना वक्त गंवाए चलती स्कूटी से छलांग लगा दी। देखते ही देखते उसकी स्कूटी सड़क के बीचों-बीच आग का गोला बन गई।
इस मंजर को देखकर वहां मौजूद लोगों के जहन में इंदौर का वो हालिया खौफनाक हादसा ताजा हो गया, जहां चार्जिंग के दौरान हुए ब्लास्ट ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां राख कर दी थीं। शास्त्री पार्क की सड़क पर जलती इस स्कूटी को देख लोग सहम गए।
स्थानीय लोगों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। भीड़ में खड़े एक बुजुर्ग ने कांपती आवाज में कहा, 'ये गाड़ियां हैं या सड़क पर दौड़ते टाइम बम?' लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक तकनीक के नाम पर इंसानी जान से खिलवाड़ होता रहेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी घटनाएं बैटरी में तकनीकी खराबी, ओवरहीटिंग या खराब क्वालिटी के उपकरणों की वजह से हो सकती हैं। फिलहाल, घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से इस तरह के वाहनों की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की है।