नई दिल्ली

विकसित भारत–जी राम जी के लिए राज्यों को 25,863 करोड़ की पहली किस्त जारी

केंद्र सरकार ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [वीबी–जी राम जी] के प्रभावी संचालन के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 25,863 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी कर दी है
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Shivraj Singh Chauhan

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [वीबी–जी राम जी] के प्रभावी संचालन के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 25,863 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी कर दी है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए योजना की समीक्षा करते हुए यह राशि जारी की।

चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योजना पूरे देश में बिना किसी व्यवधान के लागू हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि मनरेगा से विकसित भारत–जी राम जी में बदलाव पूरी तरह सहज रहा और अब तक किसी प्रकार की तकनीकी या संचालन संबंधी शिकायत सामने नहीं आई है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के संकल्प, सुशासन और राज्यों के सहयोग का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी में औसतन लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब देश के किसी भी राज्य में मजदूरी 300 रुपए प्रतिदिन से कम नहीं होगी। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण श्रमिकों को सम्मानजनक रोजगार, समय पर मजदूरी और गांवों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण सुनिश्चित करना है।

लाखों ग्रामीणों को मिला काम

चौहान ने बताया कि पहले सप्ताह में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू हो चुके हैं और लाखों ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिला है। उन्होंने पहले ही दिन बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आंध्र प्रदेश, केरल और राजस्थान की सराहना की। वहीं ओडिशा और पश्चिम बंगाल से शेष ग्राम पंचायतों में जल्द कार्य शुरू करने तथा झारखंड से योजना को अधिसूचित कर आवश्यक बजटीय प्रावधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया। जिन राज्यों में आरबीआई खाते खोलने या अन्य प्रक्रियाएं लंबित हैं, उन्हें भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा गया।

15 दिनों में हो भुगतान

चौहान ने कहा कि जारी की गई पहली किस्त का उद्देश्य राज्यों को समय पर संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि श्रमिकों को 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने राज्यों से अपनी हिस्सेदारी भी समय पर जारी करने की अपील की और भरोसा दिलाया कि योजना के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

Updated on:
06 Jul 2026 11:55 am
Published on:
06 Jul 2026 11:55 am