
अभिषेक सिंघल
नई दिल्ली। भारत ने जहां एक और रेगिस्तान से निकल रहे कच्चे तेल के लिए नई रिफाइनरी की शुरुआत की हैं वहीं अब समुद्र की गहराईयों में छिपे तेल के खजाने की खोज के लिए समुद्र मंथन पर तेजी से काम शुरू करने की योजना है। केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने बताया कि भारत ने समुद्र मंथन के तहत तीन कुएं खोदे हैं जिनमें से दो में गैस निकली है। अब अंडमान के समुद्र में ढाई लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में तेल की खोज का अभियान छेड़ा जाएगा। अगले तीन साल तक इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
पश्चिम एशिया संकट के दौरान भारत की उर्जा जरूरतें पूरी करने को लेकर बनी स्थिति के बाद उर्जा क्षेत्र में आयात को कम करने और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की कोशिश के मद्दे नजर देश में तेल और गैस के नए भंडार खोजने की योजना बनाई गई है। इसके तहत अगले तीन साल में 150 डीप सी और अल्ट्रा डीप सी कुएं खोदे जाने की योजना है। इसके लिए 95 हजार करोड़ के निवेश का प्लान है। पुरी ने बताया कि एक कुएं को खोदने के लिए करीब 1700 करोड़ का खर्च आता है। अंडमान और निकोबार का समुद्री क्षेत्र भारत के लिए विपुल संभावनाओं वाला क्षेत्र है। मंत्रालय की ओर से इसके करीब ढाईलाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में तेल और गैस की खोज के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्र मंथन (नेशनल डीप वाटर एक्सपोरेशन मिशन) नाम दिया है, जिसकी घोषणा उन्होंने पिछले साल लाल किले से की थी।
अंडमान और निकोबार के समुद्री बेसिन की भूप्रकृति इंडोनेशिया, मलेशिया, ब्रूनेई, वियतनाम के साउथईस्ट एशिया के समुद्री बेसिन से मिलती जुलती है। यह क्षेत्र दो लाख मिलियन बैरल प्रति दिन क्रूड के साथ ही बड़ी मात्रा में तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का उत्पादन और निर्यात करता है। हालांकि दुर्गम क्षेत्रों में तेल की खोज और उसकी निकासी एक मुश्किल काम है।
भारत की उर्जा जरूरतें वैश्विक जरूरतों के बढ़ने की तुलना में तीन गुना तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में अंडमान के समुद्र के नीचे तेल और गैस के भंडार होने के संकेत एक नई उम्मीद जगाते हैं। पिछले दिनों पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने अंडमान क्षेत्र में अंडमान द्वीप के पूर्वी तट से 15 किलोमीटर दूर 355 मीटर गहरे समुद्र में 1900 मीटर की गहराई तक खोदे गए विजयपुरम-3 कुएं से प्राकृतिक गैस होने की जानकारी साझा की थी। इससे पहले विजयपुरम-2 में भी मीथेन गैस मिली थी।
Updated on:
06 Jul 2026 01:09 pm
Published on:
06 Jul 2026 01:09 pm
