नई दिल्ली

2047 तक 4000 यूनिट प्रति व्यक्ति बिजली खपत का लक्ष्य

– राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 का मसौदा जारी, बिजली क्षेत्र में बड़े सुधारों का खाका – एक सूर्य-एक दुनिया, एक ग्रिड के तहत क्रॉस बॉर्डर बिजली आपूर्ति को दिया जाएगा बढ़ावा नई दिल्ली। केंद्र का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक देश में प्रति व्यक्ति बिजली खपत को चार हजार यूनिट तक बढ़ाया जाए। वर्तमान […]

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- राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 का मसौदा जारी, बिजली क्षेत्र में बड़े सुधारों का खाका

- एक सूर्य-एक दुनिया, एक ग्रिड के तहत क्रॉस बॉर्डर बिजली आपूर्ति को दिया जाएगा बढ़ावा

नई दिल्ली। केंद्र का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक देश में प्रति व्यक्ति बिजली खपत को चार हजार यूनिट तक बढ़ाया जाए। वर्तमान में यह करीब 1460 यूनिट है। वहीं वैश्विक औसत करीब 3486 यूनिट है। सरकार ने राष्ट्रीय विद्युत नीति (एनईपी) 2026 का मसौदा जारी कर इस पर आपत्तियां मांगी हैं। नीति में देश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाना, चौबीस घंटे बिजली उपलब्ध कराना तथा 2030 तक प्रति व्यक्ति बिजली खपत 2000 यूनिट और 2047 तक 4000 यूनिट से अधिक करने का लक्ष्य है। वहीं 2005 के स्तर की तुलना में 2030 तक उत्सर्जन तीव्रता में 45 प्रतिशत कमी और 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नवीकरण उर्जा के वितरण के लिए अलग डीएसओ स्थापित किया जाएगा। पूरे बिजली क्षेत्र के लिए वर्ष 2032 तक पचास लाख करोड़ और 2047 तक 200 लाख करोड़ के निवेश की आवश्यकता होगी।

उद्योग, रेलवे और मेट्रो सेवाओं को विशेष छूट का प्रावधान अभी वितरण कंपनियों का घाटा करीब 6.9 लाख करोड़ रूपए है वहीं उन पर करीब 7.18 लाख करोड़ रूपए का कर्ज है। ऐसे में वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए लागत आधारित टैरिफ, क्रॉस सब्सिडी में चरणबद्ध कमी और एटीएंडसी घाटे को कम किया जाएगा है। उद्योग, रेलवे और मेट्रो सेवाओं को क्रॉस सब्सिडी और सरचार्ज से छूट का प्रस्ताव है।

नवीकरणीय ऊर्जा और भंडारण को बढ़ावा

2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा और पारंपरिक स्रोतों के बीच ग्रिड संचालन में समानता सुनिश्चित करने का प्रस्ताव है। सौर, पवन और जलविद्युत परियोजनाओं के साथ बैटरी भंडारण और पंप स्टोरेज को भी बढ़ावा दिया जाएगा। बिजली आपूर्ति और बिजली आपूर्ति (एटी एंड सी) में होने वाले नुकसान को सिंगल डिजिट तक कम कर है और रूफटॉप सोलर पैनल और बैटरी स्टोरेज के प्रबंधन के लिए अलग डीएसओ बनाया जाएगा। जो पीयर-टू-पीयर ट्रेडिंग और व्हीकल-टू-ग्रिड सिस्टम को सक्षम बनाता है। इससे कई कंपनियां एक ही लाइन का उपयोग कर सकेगी और बुनियादी ढांचे का ज्यादा उपयोग हो सकेगा।

परमाणु और ताप विद्युत की भूमिका भी अहम

नीति में परमाणु ऊर्जा क्षमता को 2047 तक 100 गीगावाट तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों की भूमिका को आधारभूत आपूर्ति बनाए रखने के लिए आवश्यक माना गया है, साथ ही उनकी लचीलापन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

उपभोक्ता केंद्रित व्यवस्था और स्मार्ट मीटरिंग

नीति में 24x7 बिजली आपूर्ति, सेवा मानकों के उल्लंघन पर उपभोक्ताओं को मुआवजा, और शिकायत निवारण प्रणाली को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने का प्रावधान है। स्मार्ट मीटरिंग को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।

देश में प्रति व्यक्ति बिजली खपत

वर्ष यूनिट
2020-21 1161
2021-22 1255
2022-23 1331
2023-24 1395
2024-25 1460
Published on:
22 Jan 2026 11:57 am
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