कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के बढ़ते मामले पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चिंता जताई है। संगठन ने चेतावनी भी दी है कि इससे अस्पताल भरने के साथ ही कोरोना से होने वाली मृत्युदर में भी इजाफा हो सकता है।
नई दिल्ली। कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर दुनियाभर में खौफ का माहौल हैं। वहीं दुनियाभर में इस वेरिएंट के तेजी से बढ़ रहे मामलों ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन इस वेरिएंट को पहले ही खतरनाक बता रहा था। साथ ही लोगों को इससे सावधान रहने की सलाह दे रहा था। वहीं अब WHO ने ओमिक्रॉन को लेकर एक और टिप्पणी कर दी है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई। दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इन नए वेरिएंट को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है, इससे अस्पताल भरने के साथ ही कोरोना से होने वाली मृत्युदर में भी इजाफा हो सकता है। अप्रयत्क्ष रूप से विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन दुनियाभर में कोरोना की अगली लहर ला सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने देशों से मांगी जानकारी
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस संबंध में एक बयान जारी कर कहा कि वैश्विक स्तर पर वैरिएंट आफ कंसर्न जुड़े मामलों की संख्या बढ़ रहे हैं। ऐसे में आशंका है कि ओमिक्रॉन से अस्पतालों के भरने और मौतों की संख्या में बढ़ सकती है। संगठन ने यह भी कहा कि नए वैरिएंट से संक्रमित लोगों की स्थिति का ठीक से आंकलन करने के लिए और अधिक जानकारी की आवश्यकता है। संगठन ने देशों से कहा कि ओमिक्रॉन संक्रमित मरीजों का आंकड़ा हमारे साथ साझा करें, जिससे इस बारे में अध्ययन किया जा सके।
60 से ज्यादा देशों में फैल चुका है ओमिक्रॉन
WHO ने कहा कि पिछले हफ्ते नए वैरिएंट को लेकर कई जानकारियां मिली थीं। इस दौरान बताया गया कि यह वेरिएंट किस हद तक फैलेगा और इसमें नए म्यूटेशन की संख्या कितनी है। मौजूदा जानकारी और परिस्थितियों को देखते हुए लग रहा है कि नए वैरिएंट का महामारी पर एक बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। कुछ ही दिनों में यह वेरिएंट दुनियाभर के 60 से ज्यादा देशों में फैल चुका है।
बता दें कि ब्रिटेन में ओमिक्रॉन वेरिएंट तेजी से फैल रहा है। वहीं देश में इस वेरिएंट से पहली मौत भी हो गई है। इसके बाद ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन नए वेरिएंट को लेकर सतर्क हो गए हैं। इसके चलते उन्होंने ब्रिटेन में कोरोना की बूस्टर डोज लगाने का कार्यक्रम शुरू कर दिया है। जिससे कोरोना के इस नए ओमिक्रॉन वेरिएंट से लड़ा जा सके।