स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कमलाम्मा की मौत गुंटूर के सरकारी जनरल अस्पताल (जीजीएच) में हुई है, जबकि 10 साल के लडक़े की मौत 10 दिन पहले श्रीकाकुलम के एक निजी मेडिकल कॉलेज में हुई थी।
अमरावती . देश के कुछ राज्यों में गुलियन-बेरी सिंड्रोम (जीबीएस) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ताजा मामला आंध्र प्रदेश का है। यहां एक 45 साल की महिला की जीबीएस के कारण मौत हो गई।
स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने सोमवार को बताया कि पिछले 10 दिनों में आंध्र प्रदेश में एक 45 साल की महिला और एक नाबालिग लडक़े की ऑटोइम्यून न्यूरोलॉजिकल विकार, गुलियन-बेरी सिंड्रोम (जीबीएस) के कारण मौत हो गई है।
जीबीएस तब होता है जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से परिधीय तंत्रिकाओं पर हमला करती है, जिससे मांसपेशियों में कमजोरी, सुन्नता और झुनझुनाहट होती है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कमलाम्मा की मौत गुंटूर के सरकारी जनरल अस्पताल (जीजीएच) में हुई है, जबकि 10 साल के लडक़े की मौत 10 दिन पहले श्रीकाकुलम के एक निजी मेडिकल कॉलेज में हुई थी।
यादव के अनुसार, 2024 में इस बीमारी के कुल 267 मामले सामने आए हैं। यह देखते हुए कि औसतन हर महीने 25 मामले सामने आते हैं, मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अधिकतर मामलों को इलाज से ठीक किया जा सकता है। कुछ गंभीर मामलों में इम्युनोग्लोबुलिन इंजेक्शन और आईसीयू में भर्ती की आवश्यकता रहती है।
कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के पुणे में नर्व डिस-ऑर्डर के पांच और रोगियों का पता चला था। इसके साथ ही पुणे क्षेत्र में गुइलेन-बेरी सिंड्रोम (जीबीएस) के संदिग्ध और पुष्टि किए गए मामलों की संख्या 197 तक पहुंच गई है।