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CJP Protest: ‘नहीं होगा दोबारा संसद मार्च’, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया ऐलान

CJP Parliament March: दिल्ली प्रदर्शन के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ऐलान किया कि अब दोबारा संसद मार्च नहीं होगा। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर बल प्रयोग, छात्रों के साथ मारपीट और पूरे घटनाक्रम को पहले से तय साजिश बताने का आरोप लगाया। पुलिस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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CJP Protest
कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन(फोटो-IANS)

Jantar Mantar Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने संसद मार्च को लेकर बड़ा ऐलान किया है। दिल्ली में हुए प्रदर्शन के बाद उन्होंने कहा कि पार्टी अब दोबारा संसद की ओर मार्च नहीं करेगी। उनका कहना है कि ऐसा करने पर फिर से युवाओं को चोट पहुंच सकती है। दीपके ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शन के दौरान जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने और छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट करने का आरोप भी लगाया।

प्रदर्शन जारी लेकिन संसद मार्च नहीं- दीपके

अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP अब भी अपना प्रदर्शन जारी रखेगी लेकिन संसद की ओर दोबारा मार्च नहीं करेगी। उनके अनुसार, अगर फिर से मार्च किया गया तो पुलिस एक बार फिर युवाओं पर कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने समर्थकों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व देती है। इसलिए फिलहाल संसद मार्च का फैसला वापस लिया गया है। दीपके का कहना है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण था और वे लंबे समय से बिना किसी हिंसा के प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल की घटना में सबसे पहले पुलिस की तरफ से कार्रवाई की गई, जिसके बाद हालात बिगड़ गए।

पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

दीपके ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों और युवाओं के साथ सख्ती की। उन्होंने आरोप लगाया कि कई छात्र घायल हुए और कुछ नाबालिग लड़कियों को भी चोट लगी। दीपके ने यह भी कहा कि एक युवती की गर्दन पर डंडा लगने के बाद वह गिर गई और भगदड़ में गंभीर रूप से घायल हो गई। उनका दावा है कि युवती का इलाज अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शन रोकना ही था तो पुलिस पानी की बौछार का इस्तेमाल कर सकती थी, लेकिन लाठीचार्ज की जरूरत नहीं थी। दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने अपने नाम वाले बैज भी हटा दिए थे। दीपके ने कहा कि कल दिल्ली पुलिस की वर्दी में गुंडे भरे हुए थे।

पुलिस पर साजिश का भी लगाया आरोप

अभिजीत दीपके ने पूरे घटनाक्रम को पहले से तय योजना बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदर्शन स्थल के आसपास हर व्यक्ति की जांच की जा रही थी और जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए थे, तब वहां पत्थरों से भरे ट्रक कैसे पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस मामले का जवाब दिल्ली पुलिस को देना चाहिए। दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सादे कपड़ों में मौजूद लोगों को डंडे दिए गए और बाद में उन्हें पुलिस की वर्दी पहनाई गई। उनके अनुसार, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। हालांकि, इन सभी आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

Updated on:
21 Jul 2026 11:42 am
Published on:
21 Jul 2026 11:00 am