
त्योहारों में डीजे समय को लेकर विवाद पर AIMIM का पलटवार, photo credit: IANS
DJ Timing Restriction: त्योहारों के दौरान डीजे बजाने के समय को लेकर AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी पर सरकार ने डीजे बजाने का समय रात 12 बजे तक बढ़ा दिया, जिस पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जब मुसलमानों के त्योहार आते हैं तो रात 10 बजे के बाद ही लाउडस्पीकर बंद करा दिया जाता है।
मुंबई में मीडिया से बातचीत में वारिस पठान ने कहा कि सबको अपने-अपने त्योहार मनाने का पूरा अधिकार है और सरकार द्वारा हिंदू त्योहारों के लिए समय बढ़ाए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को संविधान पढ़ना चाहिए, क्योंकि कायदा-कानून सबके लिए एक समान होना चाहिए और कोई भी संविधान से ऊपर नहीं है।
पठान ने आगे कहा कि भारत में करीब 1400 सालों से लाउडस्पीकर पर अजान दी जाती रही है, लेकिन भाजपा से जुड़े लोगों ने शिकायत करके और मिनारों पर चढ़कर लाउडस्पीकर उतरवा दिए। उनका तर्क है कि ध्वनि प्रदूषण और नींद खराब होने के नाम पर उठाए गए ऐसे कदमों में भी नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए।
वंदे मातरम को लेकर पूछे गए सवाल पर वारिस पठान ने कहा कि वे इसका पूरा आदर और सम्मान करते हैं, लेकिन इसमें कुछ ऐसी पंक्तियां हैं जो एक मुसलमान होने के नाते वे नहीं बोल सकते, क्योंकि इस्लाम में सिर्फ अल्लाह की इबादत करने की मान्यता है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसलों में राष्ट्रीय झंडा, राष्ट्रीय गान और राष्ट्रगीत का अलग-अलग उल्लेख किया गया है और मार्च 2026 में भी अदालत ने कहा था कि राष्ट्रगान जन-गण-मन सभी को पढ़ना चाहिए, जिसे वे पूरे गर्व से पढ़ते हैं और राष्ट्रीय झंडे को तन-मन-धन से सलाम करते हैं।
अभिनेत्री स्वरा भास्कर के विवादित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पठान ने कहा कि उन्होंने बयान सुना है और बाद में उस पर स्पष्टीकरण भी आया है, इसलिए वे इस मुद्दे पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि वे सभी की आस्था का सम्मान करते हैं और इस्लाम धर्म में हत्या को सही नहीं माना जाता, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि दूसरों की जो भी प्रथा है, उसे उन्हें निभाने दिया जाना चाहिए।
Updated on:
05 Sept 2026 04:22 am
Published on:
05 Sept 2026 04:21 am
