जिले के 269771 किसानों में से 242242 किसानों का पंजीयन पूर्ण हो चुका है। यह 89.80 प्रतिशत है। अब केवल 27529 किसानों का पंजीयन शेष है, जबकि 20684 आवेदन सत्यापन हेतु लंबित हैं।
जिले में किसानों के लिए शुरू की गई फार्मर रजिस्ट्री और यूनिक फार्मर आईडी कार्ड योजना गति पकड़ चुकी है। 29 अगस्त 2025 तक जिले के 269771 किसानों में से 242242 किसानों का पंजीयन पूर्ण हो चुका है। यह 89.80 प्रतिशत है। अब केवल 27529 किसानों का पंजीयन शेष है, जबकि 20684 आवेदन सत्यापन हेतु लंबित हैं।फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण होने के बाद किसानों को 12 अंकों का यूनिक फार्मर आईडी कार्ड दिया जाएगा। यह कार्ड आधार की तर्ज पर उनकी डिजिटल पहचान बनेगा। इसमें किसानों की जमीन, गिरदावरी, बोई गई फसल, पशुधन और अन्य कृषि संबंधी जानकारी दर्ज होगी।
तहसीलवार स्थिति
तहसीलों में महाराजपुर (98.92 प्रतिशत) सबसे आगे है। इसके बाद राजनगर (92.73) प्रतिशत, नौगांव (92.42) प्रतिशत, चंदला (91.43) प्रतिशत और गौरिहार (91.00) प्रतिशत काम पूरा हुआ है। वहीं बिजावर (84.47) प्रतिशत और छतरपुर (84.58) प्रतिशत के साथ पिछड़ गए हैं। जिले की प्रदेश में रैंकिंग 45वीं और संभाग में चौथी है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जल्दी ही जिले को 100 प्रतिशत उपलब्धि तक पहुंचाया जाए।
फसल बीमा क्लेम का तत्काल निपटान
- कृषि ऋण व किसान क्रेडिट कार्ड की आसानी
- प्राकृतिक आपदा में हुए नुकसान का वास्तविक आकलन
- डिजिटल रिकॉर्ड से गिरदावरी और राजस्व कार्यों में पारदर्शिता
-उत्पादन का अनुमान सटीक होगा
-जमीनी सर्वेक्षण खर्च कम होगा
-किसानों को मुआवजा व बीमा की राशि समय पर मिलेगी
- किसान अपनी जमीन के रिकॉर्ड की ऑनलाइन समीक्षा व आपत्ति दर्ज कर सकेंगे
यह प्रक्रिया केंद्र सरकार की डिजिटल कृषि मिशन योजना का हिस्सा है। भू-अभिलेख विभाग के अधीक्षक आदित्य सोनकिया ने कहा छतरपुर जिला किसानों के डिजिटल सर्वे में प्रदेश के टॉप टेन जिलों में शामिल है। उम्मीद है कि इस साल के अंत तक हर किसान को यूनिक आईडी कार्ड मिल जाएगा।