The demand for fertilizersनरसिंहपुर. जिले में खाद की मांग लगातार बनी हुई है। जिससे घट रहे स्टाक की पूर्ति करने में प्रशासन की कवायद चल रही है। जिले में एक रैक लगने और कछपुरा एवंपिपरिया रैक से खाद बुलाने के बाद अब गाडरवारा व नरसिंहपुर में लगने वाली दो रैक का इंतजार हो रहा है। […]
The demand for fertilizersनरसिंहपुर. जिले में खाद की मांग लगातार बनी हुई है। जिससे घट रहे स्टाक की पूर्ति करने में प्रशासन की कवायद चल रही है। जिले में एक रैक लगने और कछपुरा एवं
पिपरिया रैक से खाद बुलाने के बाद अब गाडरवारा व नरसिंहपुर में लगने वाली दो रैक का इंतजार हो रहा है। जिले में खाद वितरण को व्यवस्थित कराने के लिए जो टोकन प्रणाली लागू की है उसमें अब तक करीब 1633 किसान टोकन ले चुके हैं। वहीं बिना टोकन वाले किसानों की भी केंद्रों पर आवाजाही बनी हुई है।
जिले में खाद की बढ़ी मांग के बीच प्रशासन का दावा है कि गोदामों में पर्याप्त मात्रा में भंडार भी सुरक्षित रखा गया है। जिले में अब तक यूरिया 14,332 मीट्रिक टन, डीएपी 6,548 मीट्रिक टन, काम्पलेक्स 3,721.7 मीट्रिक टन तथा एसएसपी 3,556 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। अभी जिले में 745 मीट्रिक टन यूरिया, 2,443 मीट्रिक टन डीएपी, 1,444 मीट्रिक टन एनपीके तथा 5,749 मीट्रिक टन एसएसपी का भंडारण उपलब्ध है। रैक प्वाइंट नरसिंहपुर पर इफको यूरिया 2,673 मीट्रिक टन की रैक आने के बाद भंडारण कराया जा रहा है। वहीं कछपुरा एवं पिपरिया रैक प्वाइंट से 100 मीट्रिक टन डीएपी, 20-20-013 के 200 मीट्रिक टन तथा टीएसपी के 200 मीट्रिक टन उर्वरक मिला है। गाडरवारा रैक प्वाइंट पर कोरोमंडल इंटरनेशनल कंपनी की 20-20-013 मात्रा 2,661.6 मीट्रिक टन, तथा नरसिंहपुर रैक प्वाइंट पर एनएफएल कंपनी की 20-20-013 मात्रा 2,674.5 मीट्रिक टन की रैक जल्द लग सकती है। डबल लॉक केंद्रों से सहकारी समितियों को नियमित आपूर्ति की जा रही है।