Job Scam
चेन्नई. तमिलनाडु सरकार ने अंतरराष्ट्रीय नौकरियों के फर्जी प्रस्तावों के प्रति लोगों को आगाह किया है। साथ ही भर्ती करने वाली एजेंसियों को फर्जी नौकरियों के लिए लोगों को विदेश नहीं भेजने की चेतावनी दी है। अनिवासी तमिल कल्याण विभाग का कहना है कि ऐसी एजेंसियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसी विभागीय रिपोर्ट है कि कुछ लोगों को आईटी और साफ्टवेयर की नौकरियों के लिए टूरिस्ट वीजा पर कंबोडिया, थाईलैंड और म्यांमार भेजा जा चुका है। सरकार ने चेताया है कि इन लोगों को अवैध ऑनलाइन गतिविधियों के लिए नौकरियों पर रखा गया है।
यह सलाह कंबोडिया, थाईलैंड और म्यांमार से 83 तमिल युवाओं को बचाने के मद्देनजर जारी की गई थी, जहां उन्हें आईटी क्षेत्र में नौकरी प्रदान करने के बहाने पर्यटक वीजा पर ले जाया गया था और बाद में उन्हें 'अवैध ऑनलाइन गतिविधियों' में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया था।
गैर-पंजीकृत एजेंटों द्वारा लाओस में उच्च वेतन वाली नौकरियों का लालच देकर भारतीय नागरिकों को फंसाए जाने की रिपोर्टों का हवाला देते हुए गैर-निवासी तमिल कल्याण विभाग ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि उम्मीदवारों को अवैध रूप से थाईलैंड से लाओस में ले जाया गया और काम करने के लिए बंदी बना लिया गया। कभी-कभी उन्हें गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल आपराधिक सिंडिकेट द्वारा बंधक बना लिया जाता था और कठिन परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था और "शारीरिक और मानसिक यातना" दी जाती थी।
सरकार ने यह भी बताया कि भारतीय नागरिकों के लिए थाईलैंड या लाओस में आगमन पर वीजा उन देशों में रोजगार की अनुमति नहीं देता है और पर्यटक वीजा का उपयोग केवल पर्यटन उद्देश्यों के लिए किया जाना है। विज्ञप्ति में कहा गया है, "कृपया ध्यान दें कि लाओस में मानव तस्करी अपराधों के दोषियों को 18 साल तक की जेल की सजा सुनाई गई है।"
सरकार ने लोगों को ऐसे फर्जी या शोषणकारी नौकरी प्रस्तावों में 'लुभाने' और 'फंसने' से बचने की सलाह दी और उनसे रोजगार घोटालों से सतर्क रहने की अपील की। इसमें कहा गया है कि उम्मीदवारों को विदेश जाने से पहले भर्ती एजेंटों और उन कंपनियों को पूरी तरह से सत्यापित करना होगा जिनके लिए वे काम करेंगे। भारतीयों को केवल रोजगार वीजा और उचित रोजगार अनुबंध के साथ ही यात्रा करनी चाहिए। सरकार ने कहा कि उन्हें संबंधित देशों में भारतीय दूतावास और भारत में उन देशों के दूतावासों के माध्यम से वीजा की प्रामाणिकता को भी सत्यापित करना चाहिए।