- शहर का भी पहला, सिविल अस्पताल में दान की गई त्वचा पांच वर्ष तक रह सकेगी सुरक्षित, विविध दुर्घटनाओं में शरीर के कुछ भाग में त्वचा गंवाने वाले मरीजों को होगा लाभ
अहमदाबाद. एशिया के सबसे बड़े सिविल अस्पताल में बुधवार से गुजरात का सबसे बड़ा और अहमदाबाद का पहला स्किन बैंक शुरू हो गया। यह ऐसा बैंक है जहां दान की गई त्वचा को पांच वर्ष तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इस तरह की त्वचा उन मरीजों को काम आ सकेगी जिन्होंने जलने या फिर सडक़ दुर्घटना में शरीर के कुछ हिस्से से त्वचा गंवा दी है। स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने सिविल अस्पलताल परिसर में इस बैंक का उद्घाटन किया।
सिविल अस्पताल में रोटरी क्लब, कांकरिया तथा राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में स्थापित इस बैंक का संचालन अस्पताल के बर्न्स व प्लास्टिक सर्जरी विभाग की ओर से किया जाएगा। रोटरी क्लब (कांकरिया) ने स्किन बैंक को साधन -उपकरणों के लिए 48 लाख रुपए का दान किया है। इस मौके पर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रजनीश पटेल, प्लास्टिक सर्जरी विभाग के चिकित्सक डॉ. जयेश सचदे व अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे।मरीजों के घाव भरने दान में दी गई त्वचा का उपयोग
सिविल अस्पताल में प्रतिवर्ष लगभग 600 मरीजों को त्वचा की जरूरत होती है। इनमें से 400 लोग झुलसने और 200 लोग अन्य दुर्घटनाओं में त्वचा गंवाने वाले होते हैं। ऐसे मरीजों के घाव को भरने के लिए दान में दी गई त्वचा लगाई जा सकेगी। बैंक में ऐसी व्यवस्था की गई है कि दान में मिलने वाली त्वचा को वर्षों तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इस बैंक का वर्षों से इंतजार था।
ऐसे किया जा सकेगा त्वचा का दान
त्वचा का दान मृत्यु के बाद किया जाता है। मृत्यु के बाद त्वचा दान का संकल्प लेने वाले लोगों की त्वचा का दान लिया जा सकेगा। इसके अलावा जिस तरह से अन्य अंग दान में करने के लिए परिजनों की सहमति होती है उसी तरह सहमति से भी त्वचा का दान स्वीकार किया जा सकेगा।