गाजा संकटः अमरीकी दबाव से बदल सकता है नेतन्याहू का रुख वाशिंगटन/ तेल अवीव. अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इजरायल गाजा में 60 दिन के युद्धविराम की आवश्यक शर्तों पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि इस दौरान अमरीका सभी पक्षों के साथ मिलकर युद्ध समाप्ति […]
गाजा संकटः अमरीकी दबाव से बदल सकता है नेतन्याहू का रुख
वाशिंगटन/ तेल अवीव. अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इजरायल गाजा में 60 दिन के युद्धविराम की आवश्यक शर्तों पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि इस दौरान अमरीका सभी पक्षों के साथ मिलकर युद्ध समाप्ति की दिशा में काम करेगा। कतर और मिस्र इस प्रस्ताव को हमास तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि 'अगर हमास ने यह प्रस्ताव नहीं स्वीकारा, तो हालात और बिगड़ेंगे।' युद्धविराम के इस प्रस्ताव को लेकर हमास के वरिष्ठ अधिकारी ताहेर अल-नूनू ने कहा कि संगठन युद्धविराम के लिए तैयार है, लेकिन शर्त यह है कि इस प्रस्ताव के जरिए गाजा युद्ध का पूरी तरह अंत सुनिश्चित हो। हमास ने यह भी मांग रखी है कि संघर्षविराम के दौरान कम से कम आंशिक रूप से इजरायली सेना गाजा से हटे।
बंधकों की रिहाई और नेतन्याहू पर दबाव
इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा कि सरकार में बंधकों की रिहाई के लिए बने फ्रेमवर्क को लेकर व्यापक सहमति है और यह अवसर नहीं गंवाना चाहिए। गाजा में अब भी करीब 50 बंधक हैं, जिनमें से 20 से अधिक जीवित हो सकते हैं। इजरायली नागरिक लगातार प्रदर्शनों में बंधकों की वापसी और युद्ध समाप्ति की मांग कर रहे हैं। हालांकि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अभी भी 'हमास पर पूर्ण विजय' के बाद ही युद्ध समाप्ति की बात दोहरा रहे हैं। पर अमरीका के दबाव और देश के भीतर असंतोष के चलते उनका रुख बदल सकता है। अगले सप्ताह नेतन्याहू और ट्रंप की वाइट हाउस में अहम बैठक होनी भी तय है।
मानवीय संकट और अंतरराष्ट्रीय चिंता
गाजा में अब तक 56,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हाल ही में इजरायल के हवाई हमले में गाजा सिटी के समुद्रतटीय कैफे में 20 फिलीस्तीनी मारे गए। साथ ही, मानवीय सहायता केंद्रों के पास 408 नागरिकों की मौत की खबर है, जिस पर विवाद जारी है। मार्च में पिछली संघर्षविराम योजना असफल रही थी। अब नजरें इस नई पहल और नेतन्याहू के फैसले पर टिकी हैं, जो इस युद्ध को खत्म करने की दिशा में निर्णायक हो सकते हैं।