उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहा नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट देश के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक बनकर उभर रहा है। यह एयरपोर्ट न केवल क्षेत्रफल के लिहाज से देश का सबसे बड़ा होगा, बल्कि आधुनिक तकनीक और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम भी पेश करेगा।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का कंसेशन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 40 वर्षों के लिए दिया गया है, जिसकी शुरुआत 1 अक्टूबर 2021 से हो चुकी है। परियोजना का निर्माण चार चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में 1334 हेक्टेयर भूमि पर एक रनवे और एक टर्मिनल तैयार किया गया है, जिसकी सालाना यात्री क्षमता 12 मिलियन होगी।
टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) तथा रनवे का काम पूरा हो चुका है। इस एयरपोर्ट की सबसे खास बात इसकी डिजाइनिंग है, जिसमें भारतीय संस्कृति को प्रमुखता दी गई है। खासकर उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए मुख्य प्रवेश द्वार को वाराणसी के घाट और हरिद्वार के घाट से प्रेरित होकर तैयार किया गया है। इससे यात्रियों को पारंपरिक और आध्यात्मिक भारत की झलक मिलेगी।
यह एयरपोर्ट देश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने वाला साबित होगा। पीएम नरेंद्र मोदी के पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य और सीएम योगी आदित्यनाथ के 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन को साकार करने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एयरपोर्ट पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानें संचालित होंगी। साथ ही यहां एक बड़ा मल्टीमॉडल कार्गो टर्मिनल भी विकसित किया जा रहा है, जो आयात-निर्यात गतिविधियों को बढ़ावा देगा और औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा।
परियोजना की पैरेंट कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी है, जो इसे विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ विकसित कर रही है। भविष्य में यहां दो टर्मिनल कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे, जिनमें टर्मिनल-1 की क्षमता 30 मिलियन और टर्मिनल-2 की क्षमता 40 मिलियन यात्रियों की होगी।
चौथे चरण के पूरा होने पर एयरपोर्ट की कुल यात्री क्षमता 70 मिलियन प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगी। तकनीक के मामले में भी यह एयरपोर्ट पूरी तरह डिजिटल होगा। इसमें इनडोर नेविगेशन, स्मार्टफोन आधारित चेक-इन, बैगेज ड्रॉप और डिजिटल सुरक्षा जांच जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे यात्रियों को सहज और तेज अनुभव मिलेगा।
जेवर का यह नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीकी दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि साबित होने जा रहा है।