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Lok Sabha Election 2024 : पिता का हाल देख छलक उठे आंसू, जनसभा में रो पड़े मुरैना के कांग्रेस प्रत्याशी

कांग्रेस नेताओं ने लोगों को संबोधित भी किया। इसी दौरान सत्यपालसिंह सिकरवार उर्फ नीटू भावुक हो उठे। उनके आंसू निकल आए। सत्यपालसिंह को रोता देख कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उन्हें संभाला।

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Apr 16, 2024

मुरैना श्योपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी सत्यपालसिंह सिकरवार उर्फ नीटू ने मंगलवार को नामांकन पत्र जमा किया। नामांकन पत्र जमा कराने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी भी आए। इससे पहले कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में रैली निकाली गई।

कांग्रेस नेताओं ने लोगों को संबोधित भी किया। इसी दौरान सत्यपालसिंह सिकरवार उर्फ नीटू भावुक हो उठे। उनके आंसू निकल आए। सत्यपालसिंह को रोता देख कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने उन्हें संभाला।

दरअसल कांग्रेस प्रत्याशी के पिता अस्वस्थ चल रहे हैं। वे व्हील चेयर पर हैं। इसका जिक्र करते हुए सिकरवार के रो पड़े। वे बोले— मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि पिताजी चुनाव में व्हील चेयर पर इस हाल में मेरे साथ होंगे।

गौरतलब है कि मुरैना श्योपुर लोकसभा सीट से सत्यपाल सिकरवार को प्रत्याशी घोषित करने के बाद से ही कांग्रेस में बगावत का दौर चल रहा है। पार्टी में फूट पड़ चुकी है और कई कांग्रेसी खुलकर सिकरवार की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे हैं।

सत्यपाल सिकरवार को टिकट दिए जाने के तुरंत बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, विधायक और मुरैना-श्योपुर लोकसभा सीट के प्रभारी रामनिवास रावत ने इशारों-इशारों में ही उनका विरोध किया था। रामनिवास रावत ने तंज कसते हुए कहा था कि जिनको टिकट मिला है उन्हें कार्यकर्ताओं की जरूरत ही नहीं है, वे बिना किसी के सहयोग से जीतने वाले प्रत्याशी हैं। रामनिवास रावत ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से उन्हें मुरैना सीट के प्रभार से हटाने का भी आग्रह किया था।

यहां प्रत्याशी घोषित करने के पहले कांग्रेस में लंबे समय तक जद्दोजहद भी चली। बीजेपी ने पहली ही सूची में मुरैना से अपना प्रत्याशी घोषित कर​ दिया था। यहां बीजेपी ने दिमनी के पूर्व विधायक शिवमंगल सिंह तोमर को उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी कैंडिडेट की घोषणा के कई दिनों बाद कांग्रेस ने बीजेपी के पूर्व विधायक नीटू उर्फ सत्यपाल सिंह सिकरवार को प्रत्याशी घोषित किया।

बता दें कि मुरैना श्योपुर लोकसभा सीट से 31 से कांग्रेस को जीत की तलाश है। इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस के साथ ही बसपा का भी प्रभाव रहा है। खास बात यह है कि दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी इलाकों में बाहुबली के रूप में भी जाने जाते हैं।

कांग्रेस प्रत्याशी का राजनीतिक बैकग्राउंड रहा है। उनके पिता गजराज सिंह सिकरवार सुमावली के तीन बार विधायक रहे। बड़े भाई सतीश सिंह सिकरवार ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस के विधायक हैं और भाभी शोभा सिकरवार ग्वालियर नगर निगम की महापौर हैं। नीटू उर्फ सत्यपाल के छोटे भाई मानवेन्द्र सिंह सिकरवार जिला पंचायत उपाध्यक्ष रह चुके हैं। नीटू के पिता पूर्व विधायक गजराज सिंह सिकरवार पिछले पांच सालों से गांव-गांव में जनसंपर्क कर रहे थे लेकिन कुछ माह पहले वे अस्वस्थ हो गए। ऐसे में उनके छोटे पुत्र सत्यपाल सिंह को कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया।

कांग्रेस के प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सिकरवार पहले भाजपा के विधायक रह चुके हैं। उन्हें 2020 में बीजेपी से निष्कासित कर दिया गया था। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निकाला था। बड़ा मलहरा में विधानसभा उपचुनाव में सत्यपाल सिकरवार को भेजा गया लेकिन उन्होंने पार्टी के आदेश का पालन नहीं किया।

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