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अनूपपुर में लाखों की लागत से बना मीट मार्केट खाली, रहवासी इलाके में लग रही मांस-मछली की दुकानें

अनूपपुर. खुले में मांस-मछली के विक्रय पर प्रतिबंध के बावजूद जिला मुख्यालय में इसका उल्लंघन किया जा रहा है। नगर में वार्ड क्रमांक 5 में रहवासी इलाके के बीच में मांस-मछली का विक्रय किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद लोगों ने सोचा था कि […]

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Jul 11, 2024

अनूपपुर. खुले में मांस-मछली के विक्रय पर प्रतिबंध के बावजूद जिला मुख्यालय में इसका उल्लंघन किया जा रहा है। नगर में वार्ड क्रमांक 5 में रहवासी इलाके के बीच में मांस-मछली का विक्रय किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद लोगों ने सोचा था कि उन्हें दुर्गंध तथा गंदगी से राहत मिलेगी लेकिन सीएम के आदेश का कोई असर मीट व्यवसायियों व पुलिस-प्रशासन पर नहीं पड़ रहा है। वर्ष 2016 में वार्ड क्रमांक 2 स्थित सब्जी मंडी में लगने वाली मीट की दुकानों को स्थानांतरित करने नगर पालिका ने लगभग 5 लाख रुपए की लागत से मीट मार्केट का निर्माण कराया था। 8 वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक यहां मीट की दुकानें स्थानांतरित नहीं हो पाई हैं। दुकानों को स्थानांतरित किए जाने के लिए नगर पालिका व प्रशासन द्वारा कई बार पत्राचार तथा नोटिस जारी किया गया। साथ ही दुकानों को मीट मार्केट में स्थानांतरित कराने का प्रयास किया गया, लेकिन हर बार व्यापारियों की मनमानी के आगे प्रशासन बेबस नजर आया। कुछ दुकानों को स्थानांतरित किए जाने के बावजूद अन्य व्यापारियों की अड़ंगेबाजी के कारण अब तक इन दुकानों को शिफ्ट नहीं किया जा सका है।

जर्जर हो रहीं मीट मार्केट की दुकानें

स्थानीय निवासी विनोद खेमका ने बताया कि कोरोना काल के पश्चात रिहायशी क्षेत्र में मीट मार्केट के संचालन तथा होने वाली भीड़ भाड़ को देखते हुए जहां सब्जी मंडी को कृषि उपज मंडी प्रांगण में स्थानांतरित कर दिया गया। वहीं मीट की दुकानों को भी हटाने के प्रयास एसडीएम एवं नगर पालिका प्रशासन द्वारा किए गए। इसके बाद कुछ दिनों तक तो व्यापारी इस व्यवस्था को मानते हुए दुकानों का संचालन करते रहे लेकिन कुछ दिनों के बाद ही फिर से वार्ड क्रमांक 5 में दुकानें संचालित हो रही हैं। वार्ड क्रमांक 5 के लोगों ने मीट की दुकानों को मीट मार्केट में संचालित किए जाने के लिए कई बार नगर पालिका कार्यालय एवं कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। इसके बावजूद मीट व्यापारियों की मनमानी के आगे नगर पालिका एवं स्थानीय प्रशासन बेबस नजर आ रहा है।

पुलिस, प्रशासन व नपा की लापरवाही से दुकानें नहीं हो रहीं शिफ्ट

जिला मुख्यालय के वार्ड 5 निवासी रमेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2016 में नगर पालिका ने मीट मार्केट के लिए आठ दुकानों का निर्माण कराया था। इनमें से 6 दुकानें मीट के लिए एवं दो दुकानें मछली विक्रय के बनाई गई हैं। मछली विक्रय की दुकानों के लिए मत्स्य विभाग ने राशि दी थी। दूसरी ओर यहां पानी सहित अन्य सुविधाएं नगर पालिका द्वारा मुहैया कराई गई। 6 वर्ष बीतने के बावजूद अब तक अव्यवस्था जारी है। मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद खुले में दुकान संचालित हो रही है और नगर पालिका तथा पुलिस और स्थानीय प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

Published on:
11 Jul 2024 12:14 pm
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