गंदगी और दुर्गंध से हाल बेहाल, रात में महिला यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत
श्रीगंगानगर. रोडवेज के मुख्य बस स्टैंड पर बना सुलभ कॉम्प्लेक्स दस दिन से बंद पड़ा है। इससे प्रतिदिन हजारों यात्रियों को लघुशंका और शौच जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि बस स्टैंड परिसर की दीवारों, कोनों और खुले स्थानों पर जगह-जगह गंदगी पसरी है, जिससे दुर्गंध फैल रही है। यात्रियों का कहना है कि बदबू के कारण खड़ा रहना या निकलना मुश्किल हो जाता है।बस के इंतजार में खड़े बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे सबसे ज्यादा परेशान नजर आए। यात्रियों को खुले में पेशाब करने को विवश होना पड़ रहा है। यात्रियों का आरोप है कि यह समस्या पहले भी सामने आती रही है, लेकिन सुलभ कॉम्प्लेक्स पूरी तरह बंद होने के कारण हालात बदतर हो गए हैं।
मुख्य बस स्टैंड भवन को तोडकऱ नया भवन बनाया जा रहा है। फर्श और अन्य निर्माण कार्यों के कारण परिसर पहले से ही अस्त-व्यस्त है। ऊपर से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। यात्री सुमन और विजय कुमार ने बताया कि शौचालय बंद होने से दिक्कत हुई, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं।
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार सुलभ कॉम्प्लेक्स का ठेका 31 दिसंबर 2025 तक 47 हजार रुपए वार्षिक के हिसाब से दिया गया था। इसके बाद नए सिरे से निविदाएं आमंत्रित की गईं, लेकिन ठेकेदार द्वारा अपेक्षा से कम राशि भरे जाने के कारण ठेका फाइनल नहीं हो सका। अब दुबारा निविदाएं मंगवाई गई हैं, जिससे संचालन में देरी हो रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि सुलभ कॉम्प्लेक्स में स्थायी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से संचालन में समस्या आ रही है, इसके लिए नगर परिषद को पत्र लिखा गया है।
मुख्य बस स्टैंड पर नगर परिषद की ओर से संचालित एक अन्य सुलभ शौचालय भी है। यात्रियों का कहना है कि यह रात के समय बंद रहता है। बुधवार रात को भी यह शौचालय बंद था, जबकि उसी दौरान 2.30 बजे चंडीगढ़, 3.30 बजे नंगल, 4 बजे अमृतसर और अलसुबह 4 बजे हरिद्वार से बसों का आवागमन होता है। इस समय महिला यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। यात्री राकेश कुमार ने मांग की कि बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थल पर 24 घंटे शौचालय सुविधा अनिवार्य की जाए।
सुलभ कॉम्प्लेक्स का टेंडर सोमवार तक फाइनल कर इसे पुन: शुरू कर दिया जाएगा, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
नरेंद्र चौधरी, आगार प्रबंधक, श्रीगंगानगर।