एसडीएम पर सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने जताया रोष, एसडीएम ने अधिवक्ताओं के आरोपों को बताया निराधार
हनुमानगढ़. बार संघ हनुमानगढ़ ने कलक्ट्रेट परिसर में एसडीएम हनुमानगढ़ के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। अधिवक्ताओं ने एसडीएम पर सुनवाई नहीं करने सहित कई गंभीर आरोप लगाते हुए एडीएम को ज्ञापन सौंप कार्रवाई की मांग की। वहीं एसडीएम दिव्या सरोज चौधरी ने अधिवक्ताओं के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बताया कि राजस्व अधिवक्ताओं ने कभी ऐसी कोई शिकायत नहीं की है।
बार संघ अध्यक्ष नरेन्द्र माली के नेतृत्व में शुक्रवार को दिए गए ज्ञापन में बताया कि हनुमानगढ़ एसडीएम का रवैया ठीक नहीं है। वह नियमानुसार इजलास में बैठक कर सुनवाई नहीं करती हैं। इजलास पर ताला लगा रहता है तथा मुकदमों की सुनवाई के लिए अधिवक्ताओं को उपखंड अधिकारी से मिलने के लिए बाबू के पास जाकर इजाजत का इंतजार करना पड़ता है। जबकि संबंधित मामलों के पक्षकार उपखंड अधिकारी के रिश्तेदारों की मदद से उनके चैम्बर में बैठे रहते हैं। बाहरी व्यक्तियों का उपखण्ड न्यायालय में लम्बित मामलों पर अनाधिकृत प्रभाव भी रहता है। इस संबंध में जब बार संघ सचिव राहुल बिस्सा, वरिष्ठ अधिवक्ता रविप्रकाश गोयल, जोधा सिंह, योगेश स्वामी आदि अधिवक्ता एसडीएम से मिलने गए तो उनका व्यवहार अशोभनीय रहा। एसडीएम ने अधिवक्ताओं पर ही आरोप लगाते हुए बार संघ हनुमानगढ़ को एक पत्र जारी कर दिया जिसमें मनगढ़त आरोप लगाए गए हैं। अत: कमेटी का गठन कर एसडीएम के खिलाफ प्राप्त शिकायतों आदि की जांच करवा कर न्यायोचित कार्रवाई की जाए। यदि जल्दी उचित कार्यवाही नहीं होती है तो अधिवक्ता एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार करेंगे। इस दौरान बार संघ अध्यक्ष नरेंद्र माली, उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, सचिव राहुल बिस्सा, कोषाध्यक्ष मोहित एरन, पुस्तकालय अध्यक्ष संदीप रघुवंशी, जोधासिंह भाटी, अनुज डोडा, संपत गुप्ता, नीरज शर्मा, अमित मदान, सनी नागपाल, राजीव गिल्ला, राजेन्द्र बेनीवाल, जयपाल झोरड़, राजकुमार बागोरिया, रमेश चारण, गुरप्रीत सिंह, नरेश कुमार आदि मौजूद रहे।
सिविल से जुड़े कुछ अधिवक्ताओं ने पूर्णत: निराधार और बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। मैं उनमें से किसी को भी नहीं जानती है। मेरी कोर्ट से संबंधित राजस्व के किसी अधिवक्ता ने यह नहीं कहा कि मैं इजलास में नहीं बैठती। - दिव्या सरोज चौधरी, एसडीएम हनुमानगढ़।