भीलवाड़ा। ढलती उम्र की दहलीज पर जब अपनों के हाथ छूटने लगते हैं और उम्मीदों के दीयेमद्धम पड़ जाते हैं, तब मानवता की सेवा ही ईश्वर की सबसे बड़ी भक्ति बन जाती है। भीलवाड़ा में श्री गोविन्द सेवा समिति ने इसी संकल्प को साकार करते हुए ‘पीड़ित मानव सेवा’ की दिशा में एक आत्मीय कदम […]
भीलवाड़ा। ढलती उम्र की दहलीज पर जब अपनों के हाथ छूटने लगते हैं और उम्मीदों के दीयेमद्धम पड़ जाते हैं, तब मानवता की सेवा ही ईश्वर की सबसे बड़ी भक्ति बन जाती है। भीलवाड़ा में श्री गोविन्द सेवा समिति ने इसी संकल्प को साकार करते हुए 'पीड़ित मानव सेवा' की दिशा में एक आत्मीय कदम बढ़ाया है।
पुनर्वास के साथ सम्मानजनक जीवन
तिलक नगर स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के समीप, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के पुनर्वास भवन में 'श्रीगोविन्दवृद्धाश्रम' की स्थापना की गई है। यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि उन बेघर, बेसहारा और निराश्रित जनों के लिए एक सुरक्षित बसेरा है, जिन्होंने जीवन की धूप-छाँव में अपनों को खो दिया है।
सुविधाएं जो देंगी, घर जैसा अहसास
इस आश्रम को आधुनिक सुख-सुविधाओं के साथ मानवीय स्पर्श दिया गया है। यहां आधुनिक आवास सुविधा होगा। आश्रितों के लिए 75 वातानुकूलित कमरों की व्यवस्था है, ताकि मौसम की मार उनके हौसले न तोड़ सके। यहां चाय-नाश्ता, शुद्ध सात्विक भोजन और चिकित्सा सुविधाएं पूरी तरह निशुल्क प्रदान की जाएंगी।
आध्यात्मिक ऊर्जा का करेगा संचार
श्री गोविन्द आश्रम में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार रहेगा। इसके तहत दैनिक चर्या में योग, भजन-कीर्तन और सत्संग को शामिल किया गया है, ताकि मन शांत और प्रसन्न रहे। अकेलेपन को दूर करने के लिए मनोरंजन के साधन और समय-समय पर धार्मिक यात्राओं का आयोजन भी समिति द्वारा किया जाएगा।
बुजुर्गों को अहसास होगा की वह अकेले नहीं
यहां का शांत, स्वच्छ और आध्यात्मिक वातावरण वृद्धों को यह अहसास कराएगा कि वे अकेले नहीं हैं। समिति का यह प्रयास समाज के उन लोगों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है, जिन्हें आज एक सहारे और सम्मान की सबसे अधिक आवश्यकता है। वस्त्रनगरी की यह नई पहल निश्चित रूप से मानवता की सेवा का एक अनुकरणीय उदाहरण पेश करेगी।
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मानवता की सेवा ही गोविन्द सेवा है"
पीड़ित मानवता के कल्याण की दिशा में श्री गोविन्द सेवा समिति, भीलवाड़ा ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के साथ मिलकर एक अनुकरणीय पहल की है। 1 अप्रैल से सेवा आश्रम का शुभारंभ हो चुका है, जहां 75 आवासियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त आश्रय स्थल तैयार किया गया है। यहां प्रत्येक आश्रित को न केवल निःशुल्क सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि 'सर्वसमाज' और 'एकपरिवार' के मूल मंत्र के साथ उनके सर्वांगीण पुनर्वास का संकल्प भी पूरा किया जाएगा। हमारा उद्देश्य केवल छत देना नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन देना है।
. नीरज पाराशर, संयोजक, श्री गोविन्द सेवा समिति भीलवाड़ा
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बेसहाराओं को मुख्यधारा से जोड़ना ही ध्येय
"सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित 'पुनर्वासयोजना' का ध्येय सड़कों पर जीवन व्यतीत करने वाले बेसहारा व्यक्तियों का कौशल संवर्धन कर उन्हें मुख्यधारा में लाना है। इन केंद्रों पर आश्रय, भोजन व चिकित्सा के साथ-साथ रुचि अनुसार व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भरता की राह प्रशस्त की जा रही है। इस पुनीत कार्य में श्री गोविंद धाम का सहयोग निराश्रितों के पुनर्वास के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा।
- नृतन कुमार शर्मा, उप निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग