भगवान झूलेलाल चालीहा 16 जुलाई से 25 अगस्त तक जय माता दी झूलेलाल शरण मंडली द्वारा मनाया जाएगा।भगवान झूलेलाल चालीहा 16 जुलाई से 25 अगस्त तक जय माता दी झूलेलाल शरण मंडली द्वारा मनाया जाएगा। समस्त सिंधी समाज के सहयोग से स्थानीय झूलेलाल मंदिर के बाजु वाले हाल में बड़े ही भक्तिभाव के साथ मनाया जाएगा।
सागर. भगवान झूलेलाल चालीहा 16 जुलाई से 25 अगस्त तक जय माता दी झूलेलाल शरण मंडली द्वारा मनाया जाएगा। समस्त सिंधी समाज के सहयोग से स्थानीय झूलेलाल मंदिर के बाजु वाले हाल में बड़े ही भक्तिभाव के साथ मनाया जाएगा। प्रवक्ता राजेश मनवानी ने बताया कि इस 40 दिवसीय भव्य आयोजन 15 जुलाई को शाम 7 बजे से बहराणा साहिब की सवारी के साथ भगवन झूलेलाल जी की मूर्ति को कुंड पर विराजमान किया जाएगा। लालाराम, दयाराम बहरानी एवं प्रेम प्रथ्यानी ने आयोजन की तैयारी के लिए बैठक होगी। लालाराम मेठवानी ने बताया की दसवीं शताब्दी में सिंध प्रांत में मिरख बादशाह के अत्याचारों से निजात पाने के लिए हिन्दू लोगों ने 40 दिनों तक सिंधु नदी के तट पर जल देवता की स्तुति की थी। तभी से भगवान झूलेलाल चालीहा महोत्सव मनाया जाता है।