सीमा सुरक्षा बल की 192 बटालियन के दिवंगत आरक्षक शिन्समोन टीएम के शव को अंतिम संस्कार के लिए केरल राज्य स्थित उनके परिवार के पास भेजा गया है।
सीमा सुरक्षा बल की 192 बटालियन के दिवंगत आरक्षक शिन्समोन टीएम के शव को अंतिम संस्कार के लिए केरल राज्य स्थित उनके परिवार के पास भेजा गया है। इससे पहले उनके आकस्मिक निधन पर सीमा सुरक्षा बल जैसलमेर (दक्षिण) के उपमहानिरीक्षक और 192 बटालियन के कमांडेंट के साथ सभी सीमा प्रहरियों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। गौरतलब है कि शिन्समोन का शव 16 सितम्बर को जैसलमेर के कलाकार कॉलोनी स्थित एक गेस्ट हाउस में पाया गया था। सीसुब की ओर से जारी बयान में बताया गया कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनाती के उपरांत वे अवकाश पर अपने गृह राज्य केरल गए थे। इस अवधि में उन्हें लीवर संबंधी गम्भीर समस्या हो गई और इलाज के कारण उन्हें कई बार चिकित्सकीय अवकाश लेना पड़ा। अवकाश की समाप्ति पर जब वे बटालियन में पुन: रिपोर्टिंग के लिए लौट रहे थे, तभी बीच मार्ग में जैसलमेर स्थित गेस्ट हाउस में उनकी तबीयत बिगड़ गई और 16 सितम्बर को उनका असमय निधन हो गया। बल के अनुसार प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि शिन्समोन की मृत्यु का कारण आंतरिक अंगों की विफलता व अत्यधिक रक्तस्राव था। यह एक चिकित्सकीय जटिलता से हुई दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु है। जानकारी के अनुसार आरक्षक शिन्समोन ने 4 जनवरी 2004 को सीमा सुरक्षा बल में अपनी सेवा प्रारंभ की थी। अपनी सेवा अवधि के दौरान उन्होंने पश्चिमी तथा पूर्वी सीमाओं पर विभिन्न परिचालन क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया। कठिन परिस्थितियों, प्रतिकूल मौसम और चुनौतियों के बावजूद वे सदैव अडिग रहकर राष्ट्र की सुरक्षा में समर्पित रहे। इसके अतिरिक्त उन्होंने विशेष सुरक्षा दल (एसपीजी) में भी लगभग 8 वर्षों तक अपनी सेवाएं प्रदान की और उच्च-स्तरीय अनुशासन, निष्ठा एवं कर्तव्यपरायणता का परिचय दिया।