अतिक्रमणकारियों को ना नगर परिषद का डर है और ना ही पुलिस का खौफ। जिस जगह से गत दिनों परिषद ने अतिक्रमण हटाया। उसी जगह पर हाथ-ठेले और मणिहारी सामान बेचने वाली महिलाएं वापस काबिज हो गई।
भीलवाड़ा. अतिक्रमणकारियों को ना नगर परिषद का डर है और ना ही पुलिस का खौफ। जिस जगह से गत दिनों परिषद ने अतिक्रमण हटाया। उसी जगह पर हाथ-ठेले और मणिहारी सामान बेचने वाली महिलाएं वापस काबिज हो गई। दिलचस्प बात यह है कि भीमगंज थाने के बाहर तक अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर लिया। लेकिन पुलिस को नजर ही नहीं आ रहा। इससे परिषद के अतिक्रमण दस्ते की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे है।
गत दिनों परिषद के अतिक्रमण दस्ते ने कार्रवाई के नाम पर भीमगंज थाने के पुराने भवन और नए थाना भवन बाहर जमा हाथ-ठेले वालों को हटाकर आवाजाही को सुलभ किया। लेकिन कुछ घंटे बाद ही यह वापस अपनी जगह आकर बैठ गए। बेखौफ होकर व्यापार ही नहीं कर रहे बल्कि आवागमन में दिक्कत पैदा कर रहे हैं। यहां खरीदारी करने आने वाले लोग वाहन सड़क पर खड़ा कर रास्ता रोक देते है। भीमगंज थाने के नए भवन के बाहर हाथ-ठेले खड़े होने से थाना ही नजर नहीं आता। लेकिन पुलिस कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं कर रही।