नए साल के पहले दिन लोगों को जाम से जूझना पड़ा। दरअसल साल की शुरुआत में सुबह से लोग मंदिर, मेला, मॉल और किले जाने के लिए घरों से निकल आए। इस सडक़ों पर भीड़ बढ़ गई।
नए साल के पहले दिन लोगों को जाम से जूझना पड़ा। दरअसल साल की शुरुआत में सुबह से लोग मंदिर, मेला, मॉल और किले जाने के लिए घरों से निकल आए। इस सडक़ों पर भीड़ बढ़ गई। अचलेश्वर मंदिर पर भक्तों की भारी भीड़ रही। हालात को देखकर पुलिस ने इंदरगंज और दूसरी तरफ टेलीफोन एक्सचेंज चौराहा से मंदिर आने वाले रास्ते को नो व्हीकल जोन कर दिया। जब भीड़ छटी तब रास्ते पर रुक रुक कर वाहन छोड़े गए। किले पर भी गुरुवार को भारी भीड़ रही। दोपहर 12 बजे से ऊरवाई गेट से किले जाने वाले रास्ते पर वाहनों का हुजूम लग गया। घाटी की सडक़ सकरी होने की वजह से दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही से जाम लग गया बहोडापुर थाना टीआइ आलोक सिंह परिहार ने बताया किले पर वाहनों का हुजूम लगने से दिन में दो बार वाहनों की एंट्री रोकी गई। शाम 5 बजे से ऊरवाई गेट पर बेरीकेडस लगाकर किले जाने वाले को रोका गया।
नए साल के पहले दिन लोग परिवार के साथ खरीदारी और तफरी के लिए भी निकले। रेसकोर्स रोड पर शॉपिंग मॉल और मेले में लोगों की भी भीड़ की वजह से रेसकोर्स रोड पर रुक रुक कर जाम की स्थिति रही ट्रैफिक रेंगकर चला। दरअसल बुधवार देर रात तक नए साल के जश्न में हुल्लड़ रोकने के लिए भारी तादात में पुलिस सडक़ों पर थी। इसलिए केवल वही लोग घरों से निकले जिन्होंने होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर पार्टी की बुकिंग की थी। लेकिन सुबह वह लोग भी निकल आए जो रात को घरों में दुबके थे तो सडक़ें ठसाठस हो गईं।
यातायात पुलिस के लिए दो दिन मशक्कत भरे रहे। बुधवार शाम से पुलिस सडक़ों पर उतरी और नए साल का जश्न मनाने वालों के घर पहुंचने के बाद घर लौटी, दूसरे दिन सुबह सडक़ों पर जाम की स्थिति बनी तो अमले को फिर मैदान में उतारा गया।
यातायात थाना कंपू टीआइ धनंज्य शर्मा ने बताया अचलेश्वर मंदिर पर सुबह से दर्शन करने वालों की भीड़ हो गई। मंदिर के पास वाहनों का हुजूम लगने से जाम की स्थिति बनी तब मंदिर के रास्ते पर वाहनों को आने से रोका गया। भीड़ के प्रेशर के हिसाब से वाहनों को रोका और चलाया गया। दोपहर बाद भीड़ का दवाब कम होने पर रास्ते पर यातायात चालू किया गया।