समाचार

आधुनिकता के दावों को मुंह चिढ़ाता ‘डायन’ का दंश

भीलवाड़ा. भीलवाड़ा सहित प्रदेश के कई अंचलों में ‘डायन’ का कलंक आज भी बदस्तूर जारी है, जो आधुनिकता के दावों को मुंह चिढ़ा रहा है। इक्कीसवीं सदी में जहां हम चांद-सितारों को छू रहे हैं, वहीं अंधविश्वास महिलाओं के आत्मसम्मान और जीने के अधिकार को कुचल रहा है। पिछले ढाई दशकों में अकेले भीलवाड़ा में […]

2 min read
bhilwara sp office

भीलवाड़ा. भीलवाड़ा सहित प्रदेश के कई अंचलों में 'डायन' का कलंक आज भी बदस्तूर जारी है, जो आधुनिकता के दावों को मुंह चिढ़ा रहा है। इक्कीसवीं सदी में जहां हम चांद-सितारों को छू रहे हैं, वहीं अंधविश्वास महिलाओं के आत्मसम्मान और जीने के अधिकार को कुचल रहा है। पिछले ढाई दशकों में अकेले भीलवाड़ा में सौ से अधिक परिवारों का उजड़ना इस बात का गवाह है कि अज्ञानता का अंधेरा क़ानून कू उजाले से कहीं दूर है। हालांकि पुलिस व प्रशासन की सख्ती और शिक्षा के प्रसार ने इन घटनाओं पर लगाम कसी है, लेकिन जब तक समाज की सोच से यह 'मानसिक मोतियाबिंद' नहीं हटेगा, तब तक बेगुनाह महिराएं अपनों की ही नफ़रत का शिकार होती रहेंगी। यह केवल अपराध नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक चेतना पर एक घाव है।

जिले में कई मामले न्यायालयों में विचारधीन

भोली गांव भी आठ साल पहले डायन प्रताड़ना की घटना को लेकर सुर्खियों में रहा था। यहां एक 80 वर्षीय महिला को उसके घर के पास के एक कमरे में तीन हफ़्तों के लिए बंद कर दिया गया. उसका कुसूर यह था कि कुछ लोग उसे डायन समझने लगे थे। इसी प्रकार चार साल पहले जहाजपुर के उलेला में एक वृद्धा को प्रताडि़त कर कुए में धकेलने के मामले में पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी की। वर्ष 2023 में जहाजपुर क्षेत्र की एक महिला को अजमेर िस्थत ससुराल में डायन कह कर प्रताडि़त करने और उसके बाल काटने की घटना का मामला भी पुलिस थाने में पहुंचा। वर्ष 2025 में बागौर थाने में क्षेत्र की एक महिला ने बीमार करने एवं डायन कह कर प्रताडि़त करने का मामला दर्ज कराया था। वहीं मांडल थाना क्षेत्र में जेठ जेठानी ने ही एक महिला से डायन होने का आरोप लगा कर मारपीट की। https://www.dailymotion.com/video/x9yx45s

पुलिस की होती त्वरित कार्रवाई

जिले में गत तीन साल में डायन प्रताड़ना निषेध अधिनियम के मामलों में कर्मी आई है। ऐसे मामले सामने आने पर पुलिस की प्रभावी कार्रवाई होती है। जांच में दोषी पाए गए लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। ऐसी घटनाएं घटित नहीं हो, इसके लिए लोगों को जागरूक भी किया जाता रहा है।

धर्मेन्द्र सिंह यादव, पुलिस अधीक्षक, भीलवाड़ा

पांच साल तक की सजा का प्रावधान

प्रदेश में डायन प्रताड़ना निषेध अधिनियम 24 अप्रेल 2015 पारित हुआ है। राज्य सरकार ने यह अधिनियम 26 जनवरी 2016 को लागू किया गया। इसके अन्तर्गत किसी भी महिला को डायन कह कर प्रताडि़त करना या बदनाम करने का दोषी पाए जाने पर एक साल से पांच साल के कारावास की सजा या कम से कम पचास हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है।

उम्मेद सिंह राठौड़, अध्यक्ष, जिला अभिभाषक संघ भीलवाड़ा

Published on:
31 Jan 2026 01:44 pm
Also Read
View All

अगली खबर