The father who raised his childrenनरसिंहपुर. जिस पिता ने बच्चों का पालन-पोषण कर इस काबिल बनाया कि वह शिक्षक बन सकें,अब वही शिक्षक बेटे 84 वर्ष के वृद्ध लाचार पिता की देखभाल करने से इंकार कर रहे हैं, अपने कत्र्तव्यों को निभाने में पीछे हट रहे हैं। जिससे लाचार पिता के सामने सिस्टम के सामने […]
The father who raised his childrenनरसिंहपुर. जिस पिता ने बच्चों का पालन-पोषण कर इस काबिल बनाया कि वह शिक्षक बन सकें,अब वही शिक्षक बेटे 84 वर्ष के वृद्ध लाचार पिता की देखभाल करने से इंकार कर रहे हैं, अपने कत्र्तव्यों को निभाने में पीछे हट रहे हैं। जिससे लाचार पिता के सामने सिस्टम के सामने गुहार लगाने के अलावा कोई चारा नजर नहीं आ रहा है।
मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला यह मामला गाडरवारा तहसील का है। गाडरवारा क्षेत्र निवासी मानसिंह लोधी अपने बेटों द्वारा देखभाल न किए जाने से परेशान हैं और आवेदन लेकर कभी तहसील तो कभी एसडीएम कार्यालय पहुंच रहे हैं। बताया जाता है कि मानसिंह के दोनों बेटे सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं, जो अपने पिता की जिम्मेदारी निभाने से पीछे हट रहे हैं। बुजुर्ग मानसिंह ने अपने बेटों को उनके हिस्सा की जमीन दे दी थी। इसके बाद भी बेटों ने पिता की जमीन पर भी कब्जा कर लिया और उनकी देखभाल से साफ इंकार कर दिया। वृद्ध पिता ने खाना-खर्चा और दवाई के लिए गाडरवारा एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिया था। एसडीएम ने भरण-पोषण अधिनियम के तहत आदेश पारित करते हुए बेटों को पिता की देखभाल, दवाई-इलाज और भोजन की जिम्मेदारी निभाने के निर्देश भी दिए थे। लेकिन आदेश के बावजूद दोनों बेटे इसका पालन नहीं कर रहे हैं। वृद्ध द्वारा कहा जा रहा है कि वह बीते 6 महिने से परेशान हैं लेकिन समस्या हल नहीं हो रही है।84 वर्षीय मानसिंह लोधी अपनी ही संतान से न्याय की उम्मीद में दर–दर की ठोकरें खा रहे हैं।बुजुर्ग पिता न्याय के लिए पिछले छह महीनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट अपनी बुढ़ापे की लाठी बन चुके उम्मीदों को थामे हुए हैं। लेकिन अफ़सोस, अब तक उन्हें सिर्फ़ आश्वासन ही मिला है, न्याय नहीं।थक चुके पिता ने कहा कि वे छह महीनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। अपनी व्यथा बताते हुए मानसिंह की आंखों में आंसू छलक आए।
वर्जन
वृद्ध के प्रकरण में पहले आदेश हो चुका है। उनके बेटों को बुलाकर फिर से समझाइश दी जाएगी, यदि वह इसके बाद भी भरण-पोषण करने से इंकार करते हैं तो आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलाबती ब्यारे, एसडीएम गाडरवारा