
Raipur News: छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय निकायों में कार्यरत संविदा, प्लेसमेंट और संस्था कर्मचारियों के लिए अहम फैसला लिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कर्मयोगी भारत के iGOT (आई गॉट) पोर्टल पर सभी पात्र कर्मचारियों का शत-प्रतिशत ऑनबोर्डिंग (पंजीयन) सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
विभाग ने इस संबंध में सभी नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ), संयुक्त संचालकों तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) को पत्र भेजकर निर्धारित समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों को डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म से जोड़कर उनकी कार्यक्षमता और कौशल विकास को बढ़ावा देना है।
नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के अनुसार कर्मचारियों का ऑनबोर्डिंग दो माध्यमों से किया जाएगा। पहले विकल्प में विभागीय नोडल अधिकारी एमडीओ (MDO) पोर्टल के जरिए कर्मचारियों का डेटा बल्क अपलोड कर पंजीयन करेंगे। दूसरे विकल्प में कर्मचारियों के लिए कस्टम रजिस्ट्रेशन लिंक तैयार किया जाएगा। यह लिंक संबंधित कर्मचारियों को भेजा जाएगा, जिसके माध्यम से वे स्वयं अपना पंजीयन पूरा कर सकेंगे।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया के दौरान केवल Gmail आईडी का उपयोग किया जाएगा। NIC या किसी अन्य सरकारी डोमेन की ई-मेल आईडी से पंजीयन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही कर्मचारियों को अपनी व्यक्तिगत और कार्यालयीन जानकारी सही एवं अद्यतन रूप में दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या न आए।
यदि पंजीयन प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है तो संबंधित विभागों और कर्मचारियों को सामान्य प्रशासन विभाग की iGOT टेक्निकल सपोर्ट टीम से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।
कर्मयोगी भारत मिशन के तहत iGOT पोर्टल सरकारी कर्मचारियों के लिए एक डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जहां विभिन्न विषयों पर ऑनलाइन प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। राज्य सरकार का मानना है कि इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने पर संविदा और प्लेसमेंट कर्मचारियों को भी आधुनिक कार्य प्रणाली, प्रशासनिक दक्षता और सेवा गुणवत्ता से जुड़े प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सभी पात्र कर्मचारियों का 100 प्रतिशत ऑनबोर्डिंग समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें। साथ ही प्रक्रिया की नियमित निगरानी कर किसी भी लंबित प्रकरण का शीघ्र निराकरण किया जाए, ताकि कोई भी कर्मचारी इस पहल से वंचित न रहे।