सोशल साइट फेसबुक पर खुद को अफ्रीकी देशों के प्रिंस (राजकुमार) बताकर लड़कियों को प्यार के झांसे में फंसाने वाले तीन नाइजीरियन को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बता दें कि ये नाइजीरियन पहले एफबी पर फर्जी प्रोफाइल तैयार कर लड़कियों से दोस्ती करते थे उसके बाद उन्हें प्यार के झांसे में लेकर ठग लेते थे। इतना ही नहीं आरोपी यहां बिना वीजा के ग्रेटर नोएडा सिग्मा सेक्टर में रह रहे थे। इन्हें केरल पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से पकड़ा है। अब पुलिस आरोपियों के अन्य साथियों का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस गिरफ्त में आए नाइजीरियन मुख्य रूप से केरल के लोगों को अपना शिकार बनाते थे। पहले आरोपी लड़कियों और महिलाओं से फेसबुक व अन्य सोशल साइट से दोस्ती करते थे। इसके बाद वे अपना परिचय अफ्रीकी देशों के प्रिंस के रूप में देते थे। इसके साथ ही शुरूआत में महंगे तोहफे भेजकर प्यार और शादी का झांसा देते थे। युवतियों के जाल में फंसते ही आरोपी उन्हें मुसीबत में फंसने की बात कहकर लाखों रुपये ठग लेते थे। इसके बाद प्रोफाइल बंद कर देते थे। महिलाओं ने इसकी शिकायत केरल पुलिस से की। जिसके बाद वहां की पुलिस ने आरोपियों का नंबर ट्रेस कर उन्हें ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार कर लिया।
लाटरी का भी देते थे झांसा
लड़कियों को सोशल साइट पर फंसाने के साथ ही ठग लाटरी के नाम पर भी ठगी करते थे। नाइजीरियन केरल के लोगों को कॉल कर उनकी करोड़ों रुपये की लौटरी खुलने की बात कहते थे। इसके बाद आरोपी लालच देकर उनसे रुपये का टैक्स जमा कराने के नाम पर खाते में रुपये जमा करा लेते थे। इस तरह से आरोपी अब तक 100 से भी अधिक लोगों को ठग चुके हैं। बिना पासपोर्ट और वीजा के ग्रेटर नोएडा में रहते हुए आरोपी 100 से भी अधिक लोगों से तीन से चार करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दे चुके हैं।
लगातार शिकायत आने पर केरल पुलिस ने किया ट्रेस
ठगी के पीडि़तों की संख्या बढ़ती देख केरल की साइबर सेल पुलिस ने आरोपियों को ट्रेस करना शुरू किया तो आरोपियों की लोकेशन ग्रेटर नोएडा के सिग्मा सेक्टर में मिली। यहां केरल पुलिस ने लोकल थाना पुलिस की मदद से छापा मारकर तीन नाइजीरियन को दबोच लिया। जबकि उनका एक साथी फरार हो गया। पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान चेरिस, ओबीजूला और क्विटर के रूप में हुई है।
फर्जी सिम और मोबाइल का मिला जखीरा
ठगी करने वाले नाइजीरियनों के पास से पुलिस को 135 सिम, 30 मोबाइल, 10 डेटा कार्ड और पांच लैपटॉप मिले हैं। आरोपी इन्हीं की मदद से ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। आरोपियों से बरामद सभी सिम कार्ड की आईडी जांची जा रही है। इनमें ज्यादातर सिम कार्ड फर्जी नाम और पते पर हैं।