Highlights - Lockdown के कारण प्रदूषण कम होने से पक्षी नहीं लौटे अपने वतन - यमुना नदी के किनारे ओखला पक्षी विहार में अभी 13 प्रजातियों के 1229 पक्षी - आमतौर पर 15 मार्च से 15 अप्रैल के बीच अपने वतन लौट जाते हैं विदेश पक्षी
नोएडा. कोविड-19 के कारण भारत में लॉकडाउन की दुश्वारियों के बीच सात समुंदर पार से आए परिंदों को सुखद वातावरण मिल गया है। ठंड के मौसम में हजारों किलोमीटर का सफर तय कर नोएडा के ओखला पक्षी विहार में आए पक्षी अब भी यहां डेरा जमाए बैठे हैं। जबकि आमतौर पर ये 15 मार्च से 15 अप्रैल के बीच अपने वतन लौट जाते हैं, लेकिन इस वर्ष ये पक्षी अभी यहां से जाने को राजी नहीं हैं।
कोरोना लॉकडाउन के कारण सड़कें सूनी पड़ी हैं। कल-कारखाने भी बंद हैं। ऐसे में प्रदूषण घटने और यमुना की स्थित में सुधार होने के कारण सुदूर देश से आने वाले प्रावासी पक्षी अब तक वापस नहीं लौटे हैं। यमुना नदी के किनारे ओखला पक्षी विहार में 13 प्रजातियों के 1229 पक्षी अभी भी मौजूद हैं। इनमें जलीय पक्षी भी शामिल हैं। वन अधिकारी का मानना है कि लॉकडाउन की वजह से प्रदूषण के स्तर में कमी आई है। इसलिए पक्षी यहीं रुक गए हैं।
जिला वन अधिकारी प्रमोद श्रीवास्तव बताते हैं कि पक्षी विहार में इस बार अलग-अलग प्रजातियों के देसी-विदेशी करीब 20 हजार परिंदे पहुंचे थे। आमतौर पर ये सभी पक्षी 15 मार्च से 15 अप्रैल के बीच अपने वतन लौट जाते हैं, लेकिन इस बार 1229 पक्षी अब तक रुके हुए हैं। इनमें 331 जलीय पक्षी भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के कारण वाहन चल नहीं रहे हैं। यमुना का पानी भी बेहतर दिख रहा है। संभव है कि पक्षी इसी कारण अभी नहीं लौटे हैं। उन्होंने बताया कि बीते दिनों नील गाय भी शहर की सड़कों पर देखी गई। जब उन्हें कोई नुकसान नहीं लगता, तब वे इस तरह की प्रकृति दिखाते हैं।