PATRIKA PODCAST : माया की योजना
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Gulab Kothari Article : आजकल के बढ़ते विवाह-विच्छेदों ने जीवन की मिठास को और आगे तक छीनना शुरू कर दिया है। एक ओर मां-बाप के वाक्युद्ध की स्थितियां, दूसरी ओर सन्तान का ‘सैण्डविच’ हो जाना। किसको बचपन याद रह पाता है। किस्मत का खेल कहिए कि बच्चे के खेलने के अवसर, स्वयं से साक्षात्कार का बोध छीनकर स्वयं खेल रहा है। मां-बाप भी बच्चों को बड़ा बनाने में लगे रहते हैं और मां-बाप का अभाव भी बचपन में ही बड़ा बना देता है। आखिर बच्चा खिलखिलाएगा कब?