ओपिनियन

सकारात्मक दिशा की ओर बढ़े चीन

- चीन एलएसी पर तनाव बढ़ाने वाली कई हरकतें लगातार कर रहा है।- उम्मीद है चीन इस मुगालते में नहीं होगा कि वह एकतरफा एलएसी को बदल सकता है।
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Jan 29, 2021
China moves towards positive direction
China moves towards positive direction

विदेश मंत्री एस जयशंकर का यह कहना एकदम सही है कि भारत और चीन के संबंध ऐसे चौराहे पर हैं, जहां दोनों देशों को तय करना है कि किस ओर चलें। हम जिस दिशा में आगे बढं़ेगे, यह न सिर्फ दोनों देशों को बल्कि, दुनिया को प्रभावित करेगा। चीन पर एक अध्ययन समूह की कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए जयशंकर की कही गई बातें क्या चीन के समझ में आ रही हैं? उसकी हरकतों को देखते हुए तो यही कहा जा सकता है, नहीं। क्योंकि, अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है, जिससे समझा जा सके कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव कम करने के लिए सबसे जरूरी कदम के रूप में सैनिक टुकडिय़ों की वापसी की दिशा में उसने वास्तव में कोई काम किया है। हालांकि कमांडर स्तर पर कई दौर की वार्ता हो चुकी है। इसके उलट चीन एलएसी पर तनाव बढ़ाने वाली कई हरकतें लगातार कर रहा है।

उम्मीद है चीन इस मुगालते में नहीं होगा कि वह एकतरफा एलएसी को बदल सकता है। अत्याधुनिक भारतीय फौज और मजबूत राजनीतिक नेतृत्व किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं होने देंगे। इसके बावजूद विस्तारवादी मानसिकता के कारण चीनी नेतृत्व लगातार इस क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बना हुआ है। दरअसल, वह इस क्षेत्र में अपना वर्चस्व चाहता है और लगातार विकसित होता भारत उसकी मंशा में बड़ी रुकावट है। पिछले दिनों चीन ने नेपाल और बांग्लादेश की सरकारों को अपने प्रभाव में लाने के लिए सारे हथकंडे अपनाए। लेकिन, नेपाल में भी मुंह की खाई और बांग्लादेश में भी। नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी दो फाड़ हो चुकी है और प्रधानमंत्री ओली और उनके राजनीतिक विरोधी प्रचंड अपने वजूद की लड़ाई में फंस गए हैं। बांग्लादेश में भारतीय प्रधानमंत्री मोदी की वैक्सीन डिप्लोमेसी काम कर गई। बांग्लादेश जैसे गरीब

देश को मुफ्त वैक्सीन देकर भारत ने उसे चीन की गोद में जाने से बचा लिया। भूटान तो पहले से ही भारत का अभिन्न दोस्त है। अपने गरीब पड़ोसी देशों को फ्री वैक्सीन देकर भारत ने अपने वैश्विक उत्तरदायित्व का भी निर्वहन किया है। कठिन समय में ही दोस्त की पहचान होती है। कोरोना महामारी से निबटने की जद्दोजहद करती दुनिया को बाहर निकालने में भारत काफी मदद कर सकता है और कर भी रहा है।

दूसरी तरफ चीन कोरोनाकाल में और अलग-थलग हो गया है। वायरस को फैलने से रोकने में लापरवाही के कारण वह पहले से ही कई देशों की आंखों की किरकिरी बना हुआ है। इसलिए चीन के लिए बेहतर यही होगा कि भारत के साथ अपने संबंधों को ठीक करे और सकारात्मक दिशा की ओर आगे बढ़े।

Published on:
29 Jan 2021 07:52 am