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जमा पूंजी: डेबिट कार्ड जिसके नाम, वही अधिकृत

- ध्यान रखें कि एटीएम कार्ड अहस्तांतरणीय है और खाताधारी के अलावा उपयोग शर्तों का उल्लंघन है
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Feb 10, 2021
जमा पूंजी: डेबिट कार्ड जिसके नाम, वही अधिकृत
जमा पूंजी: डेबिट कार्ड जिसके नाम, वही अधिकृत

असीम त्रिवेदी

बच्चों के खर्च पर नियंत्रण की बात चल रही थी। एक मित्र ने कहा - मैंने अपना खाता खोलकर एटीएम कार्ड बेटे को दे दिया है, जब पैसा निकालता है मेरे मोबाइल पर संदेश आ जाता है, हिसाब मांगने की जरूरत नहीं। मैंने कहा - एक वाकया सुन लो, फिर निर्धारित करना कि क्या तुम सही हो। अगर आप अपना डेबिट कार्ड किसी को उपयोग के लिए देते हैं तो इस वाकये को आप भी पढि़ए। ये वाकया दो साल पुराना है, पर बहुत रोचक है। बेंगलूरु में एक गर्भवती महिला ने एटीएम और पिन नंबर बताते हुए पति को 25 हजार रुपए निकालने को कहा, क्योंकि वह स्वयं बाहर जाने में असमर्थ थी। पति ने एटीएम से पैसे निकालने की प्रक्रिया पूरी की, मशीन में नोट गिनने की आवाज-सी आई, ट्रांजेक्शन स्लिप भी बाहर आई, बस मशीन से पैसे ही बाहर नहीं आए। पति ने ट्रांजेक्शन कैंसिल करने की कोशिश की, पर एटीएम ने मुंह चिढ़ा दिया कि ट्रांजेक्शन हो चुका है। पत्नी के मोबाइल पर संदेश भी पहुंच गया कि 25 हजार खाते से निकल चुके हैं।

महिला ने ग्राहक सेवा केंद्र को सूचना दी, पर कोई निदान नहीं निकला। बैंक के संभागीय कार्यालय में पूरे ब्योरे के साथ आवेदन दिया गया। पति-पत्नी तब हतप्रभ रह गए जब आवेदन के निरस्त होने की सूचना उनके पास आई। लिखा था - 'एटीएम कार्ड अहस्तांतरणीय है, खाताधारी के अलावा किसी व्यक्ति द्वारा उपयोग शर्तों का उल्लंघन है - अत: आवेदन निरस्त किया जाता है।' पति-पत्नी ने उपभोक्ता फोरम में दावा लगाया, सूचना के अधिकार का उपयोग करते हुए बैंक से जानकारी मांग कर साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। न्यायालय के समक्ष बैंक ने खाताधारक द्वारा हस्ताक्षरित अनुबंध सामने रखा, शर्तों को रेखांकित करते हुए दलील पेश की - यह एक अनधिकृत ट्रांजेक्शन है, खाताधारक आहरण पर्ची या बेयरर चेक से पैसा निकालने के विकल्प का इस्तेमाल कर सकता था लेकिन उसने इन तरीकों को न अपनाते हुए एक अनधिकृत तरीका अपनाया, इसलिए यह उपभोक्ता की सेवा में कमी या उपभोक्ता की प्रताडऩा का मामला बनता ही नहीं है। न्यायालय ने बैंक के पक्ष में निर्णय दिया। मेरे मित्र हतप्रभ थे। मैंने उन्हें समझाया कि डिजिटल ट्रांजेक्शन करते समय हम सबने अपनी सुविधाओं से नई परिपाटियां विकसित कर ली हैं, जो सुगम तो हैं, पर अनधिकृत हैं और हमें परेशानी में डाल सकती हैं।
(लेखक सीए, ऑडिटिंग एंड अकाउंटिंग स्टैंडर्ड और कानूनी मामलों के जानकार हैं)

Published on:
10 Feb 2021 07:31 am