पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं मिलीं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं .....
वन्यजीवों के आवासीय स्थलों पर अतिक्रमण का नतीजा
जैसे-जैसे मानव बस्तियों का विस्तार हो रहा है और वन्यजीवों के आवासों पर अतिक्रमण हो रहा है, वैसे-वैसे मनुष्यों और जंगली जानवरों के बीच संघर्ष बढ़ रहा है। वन्य जीवों को भोजन, जल और आश्रय की तलाश में मानव-प्रधान क्षेत्रों में जाने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है। इससे मानव-वन्यजीव के बीच संघर्ष की संभावना बढ़ जाती है। जैसे-जैसे कृषि गतिविधियां वन्यजीवों के आवासों की तरफ फैलती हैं, जानवरों द्वारा फसल पर हमला अधिक होता जाता है, जिससे किसानों तथा वन्यजीवों के साथ संघर्ष होता है। इस प्रकार के संघर्ष पर नियंत्रण के लिए हमें वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही की व्यवस्था करनी होगी। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए बाड़ लगाना, कुत्ते पालना तथा वन्यजीवों को मानव बस्तियों में प्रवेश करने से रोकने के लिये डराने वाली रणनीति (रोशनी, ध्वनि) का उपयोग करने जैसे उपाय करने होंगे। वन्यजीवों द्वारा पशुओं के शिकार या फसल को हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा संबंधी योजनाएं भी विकसित करनी होंगी, जिससे वन्यजीवों के प्रति आक्रोश कम हो।
-रमेश कुमार भाखर, फागलवा, सीकर
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जरूरी है वन संरक्षण
मनुष्य ने निज स्वार्थवश जंगल नष्ट कर दिए। मजबूरी में जंगली जानवर शहर का रुख कर रहे हैं और मनुष्यों पर हमला कर रहे हैं। जंगली जानवरों के हमले रोकने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने होंगे, वन संरक्षण करना होगा, वनों की कटाई रोकनी होगी, नदियों को नवजीवन देना होगा ताकि जंगली जानवरों को भोजन-पानी एवं रहने की जगह मिल जाए और वे शहर का रुख न करें।
-प्रेम किशोर स्वामी, जबलपुर, मप्र
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जंगलों की कटाई है कारण
विकास के नाम पर जंगलों को काटकर सीमेंट-कंक्रीट के जंगलों का विस्तार किया जा रहा है। इससे जंगली जानवरों के रहवासी इलाके खत्म हो रहे हैं और वे भूख-प्यास से परेशान मानव बस्तियों में घुसने लगे हैं। अभयारण्य और जंगलों में मानव दखल बंद होना चाहिए। साथ ही जंगलों में पेयजल के प्राकृतिक स्रोतों को संरक्षित किया जाना चाहिए।
-संजय डागा हातोद, इन्दौर, मध्य प्रदेश
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जंगलों का संरक्षण आवश्यक
अवैध शिकार को रोकना होगा, ताकि जंगली जानवरों को रहने के लिए जंगल सुरक्षित क्षेत्र बन सकें। जंगलों की अवैध कटाई पर रोक के साथ-साथ पेड़ लगाने के प्रति जागरूकता पैदा करनी होगी, ताकि जंगली जानवर मानव बस्तियों की ओर पलायन न करें।
-राधेश्याम मेहरा,भादरा, हनुमानगढ़
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प्रकृति का संतुलन अति आवश्यक
पेड़ों की अंधाधुंध कटाई को रोका जाना चाहिए। जंगलों के पास रहने वाले आबादी क्षेत्र के लोगों को जागरूक किया जाए तथा पारिस्थितिकीय संतुलन को बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए। मानव बस्तियों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
-बिहारी लाल बालान, लक्ष्मणगढ़, सीकर
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सीमा पर लगाई जाए बाड़
जंगल और शहर की सीमा पर बाड़ लगाई जाए या दीवार बनाई जाए। यहां लाइटिंग और अलार्म सिस्टम लगाया जा सकता है। जंगली जानवरों की सैटेलाइट बेस्ड निगरानी करके उनको शहरी क्षेत्र मे आने से रोका जा सकता है। जंगलों की कटाई रोकर जानवरों को शहरी क्षेत्र से दूर रखा जा सकता है।
-महेश कुमार कुमावत, जयपुर
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लौटाने होंगे वन
ह तो स्पष्ट है कि मानव ने ही जंगल को उजाड़ा है और अपनी बस्तियों का विस्तार किया है। अब यदि हमें जानवरों से स्वयं की रक्षा करनी है तो उन्हें उनके जंगल लौटाने होंगे। वनों की कटाई रोकनी होगी।
-आभा पंड्या, भीलवाड़ा