सैनिटरी पैड के कचरे से निपटने के विकल्प खोजने की जरूरत
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Gulab Kothari Articles : स्पंदन : कर्म की निरंतरता और आशावादी दृष्टिकोण से सुख, समृद्धि, सफलता और सकरात्मकता जीवन में आने लगती है। जैसी हमारी सोच होती है वैसा ही हमारा जीवन बनता है। विषम परिस्थितियां शिक्षक का काम करती हैं। उनमें तप कर हम सोना बनते हैं। अत: इन परिस्थितियों में विचलित नहीं होना चाहिए।