PATRIKA PODCAST : माया की योजना
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Gulab Kothari Articles : स्पंदन : त्याग नहीं, नियंत्रण श्रेष्ठ : जीवन में हम जो कुछ भी करते हैं, यथार्थ मानकर ही करते हैं। जो कुछ हमें दिखाई पड़ता है, वह भी यथार्थ है। हमारी देह भी यथार्थ है, बुद्धि भी यथार्थ है। हमारा कल भी हमने यथार्थ मानकर ही जिया, आज भी हमारा यथार्थ है।