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Patrika Opinion: बरकरार रहे जोश, जुनून और मनोयोग का संगम

टी-20 विश्व कप में खिताबी जीत से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की धाक और बढ़ेगी। यह इस परिप्रेक्ष्य में और ज्यादा मायने रखता है कि कभी क्रिकेट में दबदबा रखने वाली श्रीलंका, वेस्ट इंडीज और पाकिस्तान की टीमें बुरी तरह लडख़ड़ा रही हैं।

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Jun 30, 2024

आइसीसी टी-20 विश्व कप जीतकर हमारी क्रिकेट टीम ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया है। महासागर की गहराई और विशाल पहाड़ों की ऊंचाई को नापा जा सकता है, पर यह गर्व पैमानों से परे है। इस बार यह इसलिए भी सघन है, क्योंकि 11 साल बाद टीम इंडिया ने कोई आइसीसी खिताब जीता है। टी-20 विश्व कप में तो 17 साल बाद यह कारनामा हुआ है। सवाल उठ रहे थे कि दो बार वनडे और एक बार टी-20 विश्व कप जीत चुकी टीम इंडिया लगातार आइसीसी खिताब से क्यों चूक रही है? पिछले साल वनडे विश्व कप का खिताब जीतने की उम्मीद बंधी थी, पर ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल जीतकर टीम इंडिया का सपना तोड़ दिया था। इस बार टी-20 विश्व कप में भारत के साथ दक्षिण अफ्रीका की टीम भी सेमी-फाइनल तक अजेय रही, इसलिए फाइनल में कड़े मुकाबले के आसार थे। वही हुआ। मैच आखिरी ओवर तक रोमांचक बना रहा। टीम इंडिया के मनोयोग, जोश, जुनून व तालमेल ने प्रतिद्वंद्वी टीम की आंखों में आंखें डाल फिसलती जीत को अपनी ओर मोड़ लिया।

सूर्यकुमार यादव ने आखिरी ओवर में दक्षिण अफ्रीका के डेविड मिलर के शॉट को बाउंड्री पर करिश्माई अंदाज में लपककर टूर्नामेंट में बाजी पलट दी। इसी तरह 1983 के वनडे विश्व कप के फाइनल में कपिल देव का वेस्ट इंडीज के विवियन रिचड्र्स का कैच लपकना भी टर्निंग पॉइंट साबित हुआ था। क्रिकेट प्रेमियों में यह बहस चल पड़ी है कि सूर्यकुमार और कपिल देव में से किसका कैच बेहतर था? यह सवाल ‘सेब और संतरे में कौन बेहतर’ जैसा ही है। इस बार के टी-20 विश्व कप का सबसे अहम पहलू यह है कि भारतीय टीम ने शुरू से आखिर तक गजब के आत्मविश्वास और आपसी तालमेल का प्रदर्शन किया। विभिन्न वाद्य यंत्रों के समवेत स्वर वाली मधुर सिम्फनी की तरह हमारे खिलाड़ियों ने अपनी लय बरकरार रखी। किसी भी काम में जब लय इस तरह बरकरार रहती है, तभी ‘विजयी भव:’ फलीभूत होता है।

टी-20 विश्व कप में खिताबी जीत से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की धाक और बढ़ेगी। यह इस परिप्रेक्ष्य में और ज्यादा मायने रखता है कि कभी क्रिकेट में दबदबा रखने वाली श्रीलंका, वेस्ट इंडीज और पाकिस्तान की टीमें बुरी तरह लडख़ड़ा रही हैं। क्रिकेट में हमारे पुरुष खिलाड़ी ही नहीं, महिला खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ध्रुव तारे की तरह चमक रही हैं। चेन्नई के टेस्ट मैच में भारतीय महिला टीम ने 603 रन की पारी खेल कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में स्कोर के सारे रेकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। संयोग से यह कारनामा भी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ किया गया। उम्मीद की जानी चाहिए कि भारतीय क्रिकेट में ‘सितारों से आगे जहां और भी हैं’ का भरोसे से भरपूर जज्बा आगे भी बरकरार रहेगा।

Updated on:
30 Jun 2024 10:19 pm
Published on:
30 Jun 2024 10:18 pm
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