आर्थिक और सामाजिक मोर्चे पर अनदेखी से बिगड़े हालात
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Gulab Kothari Article : स्त्री के दृढ़ संकल्प और पूर्ण समर्पण भाव से ही पुरुष का सौम्य भाव पुष्ट होता है। स्त्रैण माधुर्य है, उसमें स्नेहन है, शर्करा है। पुरुष के अन्तर्यामी, मर्यादित और रक्षक भाव पर स्त्री का अधिकार तभी संभव है जब वह पूर्णभाव में एकाकार हो जाती है, पुरुष के साथ।