डॉ. अखिलेश जैन, मनोरोग विशेषज्ञ, अहमदाबाद
चिकित्सा, जिसे सबसे नोबल प्रोफेशन माना गया है, उसमें प्रभावी उपचार प्रदान करने के लिए न केवल आवश्यक विषय और तकनीकी कौशल के बारे में ज्ञान होना महत्त्वपूर्ण है, बल्कि मरीजों और सहकर्मियों के साथ पारस्परिक सहयोग, सकारात्मक संवाद, टीम वर्क, सहानुभूति एवं परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को तैयार करना इत्यादि जैसे सॉफ्ट स्किल्स का बेहतर इस्तेमाल होना भी उतना ही जरूरी है।
सॉफ्ट स्किल्स को मोटे तौर पर किसी भी व्यक्ति में व्यक्तिगत विशेषताओं, आदतों, दृष्टिकोणों और सामाजिक शिष्टता के संग्रह के रूप में समझा जा सकता है, जो उसे स्वयं तथा दूसरों के साथ एक सकारात्मक एवं प्रभावशाली तरीके से काम करने में अत्यंत उपयोगी हो सकते हैं।
एमपैथी यानी व्यक्ति की भावनाओं को उसके परिप्रेक्ष्य में समझने की क्षमता चिकित्सा पेशे में सबसे महत्त्वपूर्ण सॉफ्ट स्किल है। एमपैथी, चिकित्सा पेशेवरों को रोगियों के साथ गहरे स्तर पर जुड़ने, उनकी समस्याओं को सुनने और उपचार प्रक्रिया के दौरान सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करने में सक्षम बनाती है।
प्रभावशाली संवाद यानी कम्युनिकेशन स्किल, चिकित्सा पेशेवरों के लिए आवश्यक है। प्रभावी संवाद में न केवल मरीजों की स्थानीय भाषा में स्पष्ट एवं विनम्र रूप से बोलना शामिल है, बल्कि सक्रिय रूप से और ध्यानपूर्वक उन्हें सुनना भी शामिल है। सार्थक संवाद के जरिए सहकर्मियों के बीच सहयोग को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।
चिकित्सा पेशे में टीम वर्क भी जरूरी है। मरीजों को सम्पूर्ण एवं व्यापक देखभाल प्रदान करने के लिए चिकित्सा पेशेवरों को एक टीम के रूप में प्रभावी ढंग से काम करना आना चाहिए। टीम में कई विषयों के विशेषज्ञों के साथ-साथ अन्य चिकित्सा कर्मी भी शामिल होते हैं। ऐसे में इन सभी नॉलेज एवं अनुभव का इस्तेमाल करने का मौका मिलता है, जिससे एक समन्वय के साथ सार्थक एवं प्रभावी परिणाम मरीज के उपचार में निश्चित तौर पर सामने आते हैं। साथ ही चिकित्सा पेशेवरों का स्ट्रेस भी कम होता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
चिकित्सा पेशे में अन्य महत्वपूर्ण सॉफ्ट स्किल्स में परिस्थितियों के साथ सामंजस्य और प्रॉब्लम सॉल्विंग इत्यादि शामिल हैं। चिकित्सा पेशेवरों को बदलती परिस्थितियों और रोगी की बदलती जरूरतों के अनुकूल होने में सक्षम होना चाहिए।
इस प्रकार चिकित्सा पेशे में सफलता के लिए सॉफ्ट स्किल्स उतने ही आवश्यक माने जा सकते हैं जितने कि विषय और तकनीकी कौशल का ज्ञान। सॉफ्ट स्किल्स चिकित्सा पेशेवरों को अपने रोगियों को प्रभावी उपचार और देखभाल प्रदान करने में सक्षम बनाती हैं। इन स्किल्स को विकसित कर चिकित्सा पेशेवर न केवल प्रभावशाली इलाज दे सकते हैं बल्कि अलग पहचान भी बना सकते हैं। इलाज से परे ये पारस्परिक और सामाजिक संबंधों में प्रगाढ़ता और आत्मविश्वास को भी बढ़ाते हैं।