जहां असली बात छिपाकर रखना ही हो ‘असली बात’
Also Read
View All 
Gulab Kothari Articles : स्त्री वानप्रस्थ में पुन: बालभाव में आ जाती है। एक ओर मुक्ति-मार्ग की आवश्यकता उसे भक्ति-मार्ग में अग्रसर करती है, वहीं दूसरी ओर सन्तान केन्द्रित जीवन मिठास की नई शुरुआत करता है। प्रजनन से पोषण की ओर चक्र आगे बढ़ता है। सात्विक भाव - सात्विक अन्न और सत्संग का वातावरण नए प्रकाश का धरातल खोलता है।