पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।
विदेशों में बढ़ रहा है प्रभाव
भारतीय मूल के लोग विदेशों में शिक्षा, नौकरी, व्यवसाय ही नहीं राजनीति में भी प्रभावशाली रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इससे उस देश के स्थानीय लोगों को लगता है कि ये उनका हक मार रहे हैं। नस्लभेद के कारण भी हमले बढ़ रहे हैं।
राजेश सराफ, जबलपुर, मप्र
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भ्रांति और द्वेष है कारण
प्रतिभाशाली भारतीय विदेशों में बड़ी संख्या में उच्च पदों पर आसीन होते जा रहे हैं। उनकी संपन्नता बढ़ती जा रही है। इससे स्थानीय लोगों में अनावश्यक भ्रांति और विद्वेष की भावना घर करती जा रही है जिससे भारतीयों पर हिंसा होने लगे हंै। कई जगह भारत विरोधी ताकतें भारतीय मूल के लोगों पर हिंसा को बढ़ावा देने का काम करती हैं।
-माधव सिंह, श्रीमाधोपुर, सीकर
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कड़ी कार्रवाई जरूरी
विदेशों में भारत की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाने के लिए कुछ लोग भारतीय मूल के लोगों पर हमले करते हैं, लेकिन उन्हें पता नहीं हैं कि यह 21वीं सदी का भारत है। बेहतर तो यह है कि समय रहते हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
-सी. आर. प्रजापति, जोधपुर
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चिंताजनक हैं हमले
विदेशों में भारतीय मूल के लोगों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जो चिंताजनक है। भारत सरकार को भारतीयों की सुरक्षा के कड़े कदम उठाने चाहिए।
-आलोक वालिम्बे, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
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नस्लीय भेदभाव का नतीजा
विदेशों में भारतीय मूल के प्रवासियों के प्रति नफरत बढ़ रही है। विदेशों में स्थानीय लोगों का लगता है कि भारतीय उनकी नौकरी छीन रहे हैं। भारतीय नागरिकों के साथ नस्लीय भेदभाव भी किया जा रहा है ।
-अनोप भाम्बु, जोधपुर
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कार्रवाई जरूरी
अमरीका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में नस्लवाद बड़ी समस्या है। इसके चलते, भारतीय मूल के लोगों पर आये दिन हमले होते रहते हैं। पूर्व में ये स्थानीय नस्लवादी संगठन, रंगभेद के कारण अश्वेत और एशियाई लोगों पर हमले किया करते थे। पिछले कुछ समय से, यह देखने मे आ रहा है कि पाकिस्तानी, इस्लामिक और खालिस्तानी तत्वों ने ऐसे संगठन बना लिये हैं जिनका काम केवल और केवल, विदेशों मे रहने वाले भारतीयों पर हमले करना भर रह गया है। भारत सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार कर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए।
-नरेश कानूनगो, देवास, मध्यप्रदेश.
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कामयाबी से जलन
आज विदेशों में भारतीय लोग अपनी मेहनत लगन और बुद्धि से सफलता का परचम हर क्षेत्र चाहे फैला कर अपना वर्चस्व कायम कर रहे हैं। ऐसे में वहां इनके प्रति स्थानीय लोगों में जलन की भावना पैदा हो रही है। वे भारतीय मूल के लोगों पर हमला करके या गाली-गलौज करके अपनी भड़ास निकाल रहे हैं।
-संजय डागा, हातोद
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सुनिश्चित हो सुरक्षा
प्रवासी भारतीयों पर बढ़ते हमलों की वजह का मूल कारण भारतीयों का अपने क्षेत्र में महारत हासिल होना है। देश के उच्च शिक्षण संस्थानों से शिक्षा प्राप्त लोग विदेशी संस्थानों में कार्य करते हैं, तो उनकी मेहनत, लगन, कार्यकुशलता से प्रभावित होने की बजाय बीमार मानसिकता के कुछ लोग उनको नुकसान पहुंचाते हैं। भारत सरकार को विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी चाहिए।
-अभय गौतम ,कोटा
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रोजगार है कारण
विदेशों में भारतीय मूल के लोगों पर हमले बढऩे का मुख्य कारण यह है कि आइटी के क्षेत्र पर भारतीयों का कब्जा है। स्थानीय युवकों को लगता है कि भारतीयों के कारण वे बेरोजगार हैं ।
-वीना चौहान, जयपुर