कॉमनवेल्थ गेम के तीसरे दिन भारत को भारोतोलन में एक और सुनहरी सफलता मिली। सतीश के बाद वेंकट राहुल रंगाला ने भारत को सोना दिलाया।
नई दिल्ली। आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में जारी 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय भारोतोलन खिलाड़ियों का शानदार सफर जारी है। प्रतियोगिता के तीसरे दिन भारत के भारोतोलक सतीश कुमार शिवलिंगम ने देश को तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया था। अब भारत के एक और भारोतोलक वेंकट राहुल रंगाला ने भारत को एक और स्वर्ण पदक दिला दिया। राहुल ने 85 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लेते हुए कुल 338 किलो का वजन उठाया। राहुल ने स्नैच में 187 किलो जबकि क्लीन एंड जर्क में 187 किलो का वजन उठाते हुए सुनहरी सफलता हासिल की। इसी के साथ भारत मेडल टैली में चौथें स्थान पर आ गया है। भारत के खाते में चार स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक है।
कुछ ऐसे हासिल की सुनहरी सफलता-
वेंकट ने करारा स्पोर्ट्स एरीना-1 में आयोजित इस स्पर्धा में स्नैच और क्लीन एंड जर्क में कुल 338 किलोग्राम का भार उठाकर सोना अपने नाम किया। स्नैच में वेंकट का सबसे अच्छा प्रदर्शन 151 किलोग्राम का था, वहीं क्लीन एंड जर्क में दूसरी बारी में उन्होंने सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए 187 किलोग्राम का भार उठाया। इस स्पर्धा में सामोआ के डोन ओपेलोगे को रजत और मलेशिया के मोहम्मद फाजरुल को कांस्य पदक हासिल हुआ।
2014 में रजत पदक किया था पक्का-
राहुल साल 2014 में पहली बार सुर्खियों में आए थें। तब राहुल ने 2014 समर यूथ ओलम्पिक में रजत पदक पर कब्जा जमाया था। आज राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड पर कब्जा जमा कर वेंकट राहुल रंगाला ने एक बार फिर तिरंगे की शान में चार चांद लगा दी।
भारोतोलकों का शानदार प्रदर्शन -
इसी के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स में चौथा गोल्ड मेडल मिल गया। बता दें कि इससे पहले मीराबाई चानू, संजीता चानू और सतीश शिवलिंगम गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में कुल 6 पदक जीत लिए हैं, जिसमें से चार गोल्ड जबकि एक सिल्वर और एक ब्रोंज मेडल शामिल है।