पाकिस्तान हॉकी टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अहमद काफी बीमार हैं। वे अपने इलाज के लिए भारत से मदद की उम्मीद कर रहे हैं।
नई दिल्ली। 1990 के दशक में पाकिस्तान हॉकी टीम के स्टार गोलकीपर रहें मंसूर अहमद पिछले काफी समय से बीमार चल रहे हैं। उनके दिल में कोई समस्या है। जिसका भरसक इलाज वे पाकिस्तान में करा चुके हैं। लेकिन हालात अब भी खराब ही है। पाकिस्तान के डॉक्टरों ने उन्हें हृदय-प्रत्यारोपण की सलाह दी है। जिसके लिए वो भारत की ओर बड़ी उम्मीदों से देख रहे हैं। बता दें कि पाकिस्तान में इस ऑपरेशन की वैसी वय्वस्था नहीं है, जैसी की भारत में है। इस कारण मंसूर भारत आ कर अपना इलाज कराना चाह रहे हैं। पेसमेकर और स्टेंट से जुड़ी समस्या बढ़ने के बाद उनके पास हृदय प्रत्यारोपण के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। मंसूर से पहले भी ऐसे ही गंभीर बीमारियों के कई पीड़ित भारत आकर अपना इलाज करा चुके है। अब मंसूर भी भारत से अपना इलाज कराना चाह रहे हैं।
भारत से काफी उम्मीदें -
अहमद ने कहा यहां के डॉक्टरों ने रिपोर्ट भेजी है। हमें लगता है कि बेहतर इलाज के लिए भारत बेहतर विकल्प है। अहमद ने आगे कहा कि मुझे भारत से मदद की उम्मीद है। मुझे कोई आर्थिक मदद नहीं चाहिए। भारत का मेडिकल सिस्टम काफी अच्छा है, मैं सिर्फ इस बात की उम्मीद कर रहा हूं कि जब जरूरत पड़े तो मुझे वीजा दे दिया जाए। इसके लिए मंसूर जल्द ही वीजा आवेदन दाखिल करने वाले हैं।
जब चर्चा में आए अहमद -
अहमद तीन बार ओलिंपिक में पाकिस्तानी टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके है। साल 1994 के वर्ल्ड कप फाइनल में नीदरलैंड्स के खिलाफ दो पेनल्टी स्ट्रोक्स रोककर अहमद काफी सुर्खियों में आए थें। भारत के बारे में बताते हुए अहमद ने कहा कि हम मैदान पर बेशक प्रतिद्वंद्वी थे। भारत के खिलाफ खेलने को लेकर मेरी कई यादें हैं। हमारे मुकाबले काफी कड़े होते थे। लेकिन रात को हम साथ बैठते और खाते थे।