
अजमेर। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने भी आतंकवाद और घाटी में अशांति से निपटने के लिए परोक्ष रूप से पाकिस्तान से बातचीत की वकालत की है।
ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह जियारत करने गुरुवार को अजमेर आए अब्दुल्ला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान से अब तक चार युद्ध और हजारों लोगों की मौत हो चुकी, इसके बावजूद हालात जस के तस हैं।
अब जो लड़ाई होगी उसमें बड़े हथियार और परमाणु बम का इस्तेमाल हो सकता है जिससे लाखों लोगों की मौत सुनिश्चित है। अब्दुल्ला ने सवाल किया कि इन हालातों में अगर बातचीत के अलावा कोई रास्ता है तो बताइए। आज भाजपा के नेता भी कह रहे है कि बातचीत ही सही रास्ता है।
पत्थरबाजों को माफी देने के फैसले की सराहना
अब्दुल्ला ने सैकड़ों पत्थरबाजों को माफी देने के सरकार के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि पत्थरबाजों को इस बिना पर माफ किया गया है कि वे मुख्यधारा से जुड़ेंगे। अगर उन्हें सुधारना है तो जेल के माध्यम से नहीं सुधारा जा सकता। अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार रोजगार के अवसर मुहैया करवाएगी ताकि वे फिर सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी नहीं करें।
उपचुनाव के नतीजाें काे लेकर माेदी पर साधा निशाना
अब्दुल्ला ने कहा कि पत्थरबाज भी हिंदुस्तानी हैं पाकिस्तानी नहीं है जरूरत उन्हें मुख्य धारा से जोडऩे की है। विधायक के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत नहीं कश्मीर विधानसभा में एक विधायक द्वारा पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं करने की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की कार्रवाई की जरूरत नहीं है। वह सिर्फ एक है जिसने एेसा किया है जबकि विधानसभा में हम सब लोगों ने उसकी कारगुजारी का विरोध किया है।
विधानसभा के रिकॉर्ड से उसके रिमार्क को हटा लिया गया है। अब्दुल्ला ने विधायक का बचाव करते हुए कहा कि उसने भारत की सम्प्रभुता और एकता को चुनौती नहीं दी है। उपचुनाव परिणाम मोदी की कार्यशैली का जवाब अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि राजस्थान में उपचुनाव के नतीजे मोदी की कार्यशैली का सटीक जवाब है।
Updated on:
23 Feb 2018 08:00 am
Published on:
23 Feb 2018 07:21 am

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