इससे पहले, सुशील ने 2010 दिल्ली और 2014 ग्लास्गो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीते थे।
नई दिल्ली। भारत के दिग्गज पहलवान सुशील कुमार ने केवल एक मिनट के भीतर ही अपने प्रतिद्वंद्वी को चित करते हुए यहां जारी 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में अपने स्वर्ण पदकों की हैट्रिक के साथ ही भारत की झोली में 14वां स्वर्ण पदक डाला। सुशील ने पुरुषों की 74 किलोग्राम वर्ग स्पर्धा में दक्षिण अफ्रीका के जोहानेस बोथा को 10-0 से मात देकर राष्ट्रमंडल खेलों का तीसरा स्वर्ण पदक जीता।
2010 दिल्ली और 2014 ग्लास्गो में जीत चुके हैं पदक
इससे पहले, सुशील ने 2010 दिल्ली और 2014 ग्लास्गो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीते थे। इस जीत के साथ ही उन्होंने अपने पदकों की हैट्रिक पूरी की है। सुशील ने बोथा को पहले ही मिनट में पूरा पलटते हुए चार अंक लिए और इसके बाद उन्हें नीचे पटकते हुए दो और अंक हासिल कर लिए। भारतीय दिग्गज पहलवान सुशील ने बोथी को संभलने का मौका भी नहीं दिया और और एक बार फिर उन्हें पटकर चार और अंक हासिल किए और स्वर्ण पदक जीता।
राहुल ने भी जीता स्वर्ण पदक
इस से पहले पहलवान राहुल अवारे पुरुषों की 57 किलोग्राम स्पर्धा के फाइनल में कनाडा के स्टीवन ताकाहाशी को 15-7 से मात देकर जीत हासिल किया था। पदक वितरण समारोह में सोने का तमगा हासिल करने के बाद जब भारत का राष्ट्रगान बजा तो राहुल की आंखे नम हो गईं। राहुल को जब स्वर्ण पदक दिया गया तब वह काफी खुश नजर आए लेकिन जैसे ही विजेता खिलाड़ी के लिए राष्ट्रगान बजा तो वह अपना भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। राहुल के अलावा भारती महिला पहलवान किरण ने 76 किलोग्राम स्पर्धा के कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में मॉरिशस की कातुओस्किया परिधावेन को 10-0 से मात दी। वहीं बबीता कुमारी ने यहां फ्रीस्टाइल 53 किलोग्राम स्पर्धा का रजत पदक अपने नाम किया। बबीता को इस स्पर्धा के फाइनल में कनाडा की डियाना वीकर ने 5-2 से मात देकर स्वर्ण पदक जीता।