
नई दिल्ली। गोल्ड कोस्ट कामनवेल्थ खेलों के आठवें दिन गुरूवार को भारत का पहला मेडल आ गया है। निशानेबाज तेजस्विनी सावंत ने 50 मीटर राइफल प्रोन स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता है। सिंगापुर की खिलाड़ी ने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया और ब्रॉन्ज स्कॉटलैंड की खिलाड़ी के नाम रहा। अन्य भारतीय खिलाड़ी अंजुम मोदगिल का निराशाजनक प्रदर्शन रहा। निशानेबाजी में भारत के सबसे अधिक कुल 4 गोल्ड के साथ 12 मेडल हो गए हैं। उसके पीछे ऑस्ट्रेलिया छः मेडलों के साथ है जिसमे 2 गोल्ड मेडल हैं। इसके साथ ही भारत के पदकों की संख्या 12 गोल्ड के साथ कुल 25 हो गई है।
सिंगापुर के नाम रहा गोल्ड मेडल
तेजस्विनी ने कुल 618.9 अंक अर्जित कर मेडल जीता। वहीं सिंगापुर की लिंडसे वेलोसो ने 621.0 का स्कोर करते हुए कामनवेल्थ खेलों में रिकार्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। स्कॉटलैंड की सेओनइड मैक्इनटोश ने 618.1 का स्कोर करते हुए ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया। इसी स्पर्धा में एक और निशानेबाज अंजुम मोदगिल ने निराशाजनक प्रदर्शन किया। वह 602.2 के स्कोर के साथ 16वें स्थान पर रहीं।
CWG खेलों में 6 मेडल जीत चुकी हैं तेजस्विनी
तेजस्विनी का यह तीसरा कामनवेल्थ गेम्स है और यह उनका कुल छठा मेडल था। इससे पहले वो 2006 मेलबर्न कामनवेल्थ खेलों में 10 मीटर एयर राइफल और 10 मीटर एयर राइफल (पेयर्स) में गोल्ड मेडल जीत चुकीं हैं। साथ ही 2010 दिल्ली कामनवेल्थ खेलों में वो 50 मीटर राइफल प्रोन और 50 मीटर राइफल प्रोन (पेयर्स) में क्रमशः सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकीं हैं।
वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर रह चुकीं तेजस्विनी
इस जीत के साथ, कामनवेल्थ खेलों की इस स्पर्धा में दो बार मेडल जीतने वाली वो पहली भारतीय महिला निशानेबाज बन गईं हैं। भारतीय महिला निशानेबाजों में उनके अलावा अभी तक सिर्फ रूपा उन्नीकृष्णन ही इस स्पर्धा में मेडल जीत सकीं हैं, उन्होंने 1998 कुआला लम्पुर कामनवेल्थ खेलों में गोल्ड मेडल जीता था। 37 साल की तेजस्विनी कोल्हापुर में जन्मी है। वो 2010 म्युनिक वर्ल्ड चैंपियनशिप के 50 मीटर राइफल प्रोन स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर चुकीं हैं। वो म्युनिक में हुए 2009 ISSF वर्ल्ड कप में भी 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं।
Updated on:
12 Apr 2018 12:34 pm
Published on:
12 Apr 2018 11:57 am
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