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ग्लोबल आतंकी मसूद अजहर पर UN प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से लागू करेगा पाकिस्तान

संयुक्त राष्ट्र ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किया है। अमरीका, फ्रांस और ब्रिटेन ने यूएन में प्रस्ताव दिया था। इससे पहले चार बार मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव गिर चुका था।

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May 02, 2019
मसूद अजहर पर UN प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से लागू करेगा पाकिस्तान

इस्लामाबाद।आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र की ओर से ग्लोबल आतंकी घोषित किए जाने के बाद से पाकिस्तान ( Pakistan ) का बड़ा बयान आया है। पाकिस्तान ने बुधवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र ( united nation ) की ओऱ से मसूद अजहर पर लगाए गए प्रतिबंधों को पाक तत्काल प्रभाव से लागू करेगा। पाकिस्तान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पुलवामा हमले के साथ मसूद को जोड़ने व राजनीतिक संदर्भों को इस प्रस्ताव में शामिल न किए जाने के शर्त पर पाकिस्तान ने अजहर पर प्रतिबंध को स्वीकार किया है। बता दें कि बुधवार को भारत को एक बड़ी कामयाबी उस वक्त मिली जब संयुक्त राष्ट्र ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किया। इससे पहले पहले चीन ने मसूद अजहर को ब्लैक लिस्ट में डालने के लिए अमरीका , फ्रांस और ब्रिटेन की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर से अपना स्थगन हटा लिया। जिससे मसूद का वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने का रास्ता साफ हो गया। इसी साल फरवरी में ही अमरीका, फ्रांस और ब्रिटेन की ओर से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति में एक प्रस्ताव लाया गया था जिसपर चीन ने वीटो करते हुए रोक दिया था।

तत्काल प्रभाव से लागू होगा मसूद पर प्रतिबंध

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ( Mohammad Faisal ) ने कहा कि मसूद अजहर पर यूएन की ओर से लगाए गए प्रतिबंध को पाकिस्तान तत्काल प्रभाव से लागू करेगा। फैसल ने कहा कि अजहर पर तीन बिन्दुओं- यात्रा, हथियार, और संपत्ति पर औपचारिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि इससे पहले पाकिस्तान ने मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने पर असहमति जाहिर की क्योंकि इसके पीछे एक राजनीतिक एजेंडा था। साथ ही पाकिस्तान को बदनाम करने की साजिश के तहत किया जा रहा था। फैसल ने कहा कि पाकिस्तान एक जिम्मेदार मुल्क है। हमें पता है कि आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए खतरा है, इसलिए जरूरी है कि इससे मिलकर लड़ा जाए। फैसल ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान पहले के प्रस्तावों का विरोध इसलिए करता रहा है क्योंकि पिछले प्रस्तावों पर आम सहमति नहीं बन पाई थी और पाकिस्तान के तकनीकी मापदंड पर खरा नहीं उतरती थीं। हालांकि इस प्रस्ताव में सबकुछ ठीक रहा और हमने प्रस्ताव को समर्थन किया है।

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Updated on:
03 May 2019 07:24 am
Published on:
02 May 2019 04:12 pm
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