पर्युषण महापर्व में पाली में औद्योगिक इकाइयों को बंद रखने की परम्परा है। इस बार दो पर्युषण होने से औद्योगिक इकाइयों को मर्यादित करने को लेकर श्रीसंघ सभा की ओर से श्रीसंघ सभा भवन में शहर के औद्योगिक इकाइयों के प्रमुखों के साथ बैठक की गई।
अधिकमास होने के कारण इस बार जैन धर्म का महापर्व पर्युषण दो बार आएगा। इसमें जैन समाजबंधु संतों व साध्वियों के सान्निध्य में धर्म आराधना करेंगे। पर्युषण महापर्व में पाली में औद्योगिक इकाइयों को बंद रखने की परम्परा है। इस बार दो पर्युषण होने से औद्योगिक इकाइयों को मर्यादित करने को लेकर श्रीसंघ सभा की ओर से शुक्रवार को श्रीसंघ सभा भवन में शहर के औद्योगिक इकाइयों के प्रमुखों के साथ बैठक की गई। इसमें औद्योगिक इकाइयों के प्रमुखों ने श्रीसंघ सभा कार्यकारिणी के समक्ष विचार रखे और कहा कि परम्परा को लेकर श्रीसंघ की ओर से किए गए निर्णय का वे स्वागत करेंगे।
संघ ने सभी की जानी राय
श्रीसंघ सभा अध्यक्ष आनंदराज गांधी की अध्यक्षता में उगमराज सांड, नेमीचंद चौपड़ा, विनय बंब, अरुण पोरवाल आदि ने विचार रखे। संचालन मंत्री कांतिलाल संकलेचा ने किया। बैठक में अचलचंद चौपड़ा, शांतिलाल संघवी, रजनीश कर्णावट, अमरचंद बोहरा, सोहनलाल बालड़, गौतमचंद कवाड़, अमरचंद समदड़िया, श्रीसंघ उपाध्यक्ष सज्जनराज गुलेचा, कोषाध्यक्ष सज्जनराज बांठिया, धनराज कांठेड़, नेमीचंद मेहता, रमेश पारख, रमेश सांड, विकास बुबकिया सहित कई लोग मौजूद रहे।
भवन का किया अवलोकन
सभा के बाद जैन समाज की सर्वोच्च संस्था श्रीसंघ सभा के निर्माणाधीन भवन का सभी ने अवलोकन किया। भवन निर्माण समिति के मंत्री रमेशचंद बरडिया ने जानकारी दी।