पाली

साइबर ठगी का नया तरीका – परिचत बनकर कॉल किया ओर एकाउंट हैक कर निकाले 66 हजार

बिना ओटीपी, एकाउंट नम्बर लिए कर रहे ऑनलाइन ठगी
2 min read
Dec 26, 2019
साइबर ठगी का नया तरीका - परिचत बनकर कॉल किया ओर एकाउंट हैक कर निकाले 66 हजार
साइबर ठगी का नया तरीका - परिचत बनकर कॉल किया ओर एकाउंट हैक कर निकाले 66 हजार

पाली। साइबर ठग ऑनलाइन ठगी करने के लिए नित नए तरीके अपना रहे है। जिनके झांसे में फंस कर कई शहरवासी अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे है। ताजा मामला शहर के इन्दिरा कॉलोनी विस्तार निवासी हरीशकुमार पुत्र लक्ष्मीनारायण लखारा के साथ हुआ।
तीन दिसम्बर को पीडि़त हरीश कुमार के मोबाइल पर एक व्यक्ति ने कॉल किया। खुद को बाबूलाल मीणा पूर्व बैंक मैनेजर बताया। जो पूर्व में पाली में बैंक मैनेजर रह चुके थे। परिचित होने पर हरीश कुमार उनसे बातचीत करने
लगे। बातों ही बातों पर उसने हरीशकुमार से कहा कि उनका ट्रांसफर वापस पाली हो गया है। उनके परिचत उनके खाते में ऑनलाइन 30 हजार रुपए जमा करवाने चाहते है लेकिन किसी कारण से जमा नहीं हो रहे। इसलिए उसने
हरीशकुमार से ऑनलाइन रुपए ट्रांसफर को लेकर जानकारी मांगी उन्होंने खुद के पास स्मार्ट फोन नहीं होने की जानकारी दी तो उन्होंने कहा कि परिवार
में किसी के पास स्मार्टफोन हो तो उससे बात करवाओ। जिस पर हरीश कुमार ने उनकी बात अपने पुत्र हिमांशु से करवाई। उन्होंने हिमांशु को उसके खाते में ऑनलाइन रुपए ट्रांसफर करने का झांसा दिया ओर 20 रुपए उसके एकाउंट में ट्रांसफर किए। हिमांशु ने 20 रुपए एकाउंट में आने की जानकारी उसे दी तो कुछ ही समय में हिमांशु के खाते से तीन बार में 20-20 हजार व उसके बाद पांच व एक हजार रुपए ऑनलाइन खाते से ट्रांसफर हो गए। मोबाइल पर मैसेज आने पर उन्हें अपने साथ ठगी होने की जानकारी मिली तो ट्रांसपोर्ट नगर थाने व
साइबर सैल रिपोर्ट दर्ज करवाने पहुंचे। बाद में अपने परिचित बैंक मैनेजर बाबूलाल मीणा से बात की तो उन्होंने ऐसा कोई भी कॉल नहीं करने की बात कही तथा कहा कि वे जयपुर में ही अभी ड्यूटी पर है।

बिना ओटीपी, एकाउंट नम्बर लिए की ठगी
साइबर ठग ऑनलाइन ठगी के लिए नित नए तरीके अपना रहे है। अब परिचित बनकर
उनके खाते में ही रुपए जमा करवाने का झांसा दे रहे है ओर इस दौरान ऑनलाइन
मोबाइल एप पर उनका एकाउंट हैक कर उनके एकाउंट से राशि निकाल रहे है।
साइबर एक्सपर्ट गौतम आचार्य ने बताया कि मोबाइल में जो मनी ट्रांसफर करने
का एप होता है। उसके जरिए साइबर ठग एक बार कोड सामने वाले व्यक्ति को
भेजते है तथा यह झांसा देते है कि आप इसे स्केन करो उसके बाद आपके खाते
में रुपए ट्रांसफर करता हूं। जैसे ही पीडि़त उस बार कोड को स्केन करता है
आरोपी ऑनलाइन उनका एकाउंट से कनेक्ट हो जाता है तथा उनके एकाउंट से रुपए
निकाल लेता है।

दिसम्बर में पुलिस बच रही मामले दर्ज करने से
साल का अंतिम माह होने के कारण पुलिस भी मामले दर्ज करने से बच रही है।
जिससे उनके थाने का रेकर्ड अच्छा रहे तथा लंबित केस न हो। पीडि़त घटना
होने के बाद ही ट्रांसपोर्ट नगर थाने व साइबर सैल पहुंच लेकिन उनका मामला
17 दिसम्बर को दर्ज हुआ।

Published on:
26 Dec 2019 10:03 pm